'मैं चंद्रयान-3 के लैंडर का डिजाइनर था', सूरत के शख्स का दावा; जांच में जानिए पुलिस ने क्या कहा?
Surat Chandrayaan-3 Designer: 23 अगस्त को शाम 6 बजकर 4 मिनट पर इसरो के चंद्रयान-3 ने चांद के साउथ पोल पर सफल सॉफ्ट लैंडिंग की। इस कीर्तिमान के रचे जाने के बाद देश-विदेश के अंदर इसरो के चंद्रयान मिशन से जुड़े वैज्ञानिकों के बारे में जानने के लिए उत्सुकता बढ़ गई।
इस बीच गुजरात के सूरत से एक मितुल त्रिवेदी नाम के शख्स ने दावा किया कि उसने चंद्रयान-3 के लैंडर मॉड्यूल को डिजाइन किया था। जिसके बाद पुलिस शख्स के दावों की गहनता से जांच में जुट गई है, जिसमें हैरान करने वाले खुलासा हुए हैं।

शख्स का दावा- मेरी वजह से सफल हुआ चंद्रयान-3
दरअसल, पीएचडी करने का दावा करने वाले मितुल त्रिवेदी ने गुरुवार को कई मीडिया आउटलेट्स और समाचार चैनलों को बताया कि उन्होंने चंद्रयान -3 के लैंडर को डिजाइन किया था। शख्स के मुताबिक जैसा कि वह चंद्रयान -2 मिशन का हिस्सा थे, इसरो ने उन्हें इसे चंद्रयान मिशन पर भी काम करने के लिए बुलाया था।
सूरत के शख्स के दावा किया कि उसने लैंडर के मूल डिजाइन में कई बदलाव किए, यही कारण था कि यह सफलतापूर्वक उतरा। हालांकि कुछ स्थानीय अखबारों ने शुक्रवार को मितुल त्रिवेदी के दावों की सत्यता पर सवाल उठाते हुए रिपोर्ट पब्लिश की।
पुलिस ने की जांच शुरू
इसके बाद सूरत शहर के पुलिस आयुक्त अजय तोमर ने अपराध शाखा को जांच करने के लिए कहा है। पुलिस उपायुक्त (स्पेशल सेल) हेतल पटेल ने कहा कि पुलिस आयुक्त ने अपराध शाखा से उन दावों की पुष्टि करने के लिए जांच करने को कहा है जो प्रथम दृष्टया झूठे हैं।
डीसीपी पटेल ने कहा कि मितुल त्रिवेदी, जो गुरुवार को विक्रम लैंडर के चंद्रमा पर सफलतापूर्वक उतरने के बाद से स्थानीय मीडिया को इंटरव्यू दे रहे हैं, इसरो वैज्ञानिक होने के अपने दावे का समर्थन करने के लिए कोई दस्तावेजी सबूत पेश करने में विफल रहे हैं।
नहीं पेश किया कोई दस्तावेज
उन्होंने बताया कि शख्स को अपने दावों को साबित करने के लिए दस्तावेजों के साथ शुक्रवार को उनके कार्यालय में आने के लिए कहा गया था। लेकिन उन्होंने यह साबित करने के लिए कोई दस्तावेज या सबूत पेश नहीं किया कि वह इसरो से जुड़े हुए हैं। हमारी जांच में पता चला कि उसने बी.कॉम किया। जब उनसे वैज्ञानिक होने के उनके दावों के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने कहा कि वह एक फ्रीलांसर थे, जिन्होंने इसरो के बेंगलुरु कार्यालय में चंद्रयान -3 के डिजाइन पर काम किया था।
पुलिस ने बताया कि हमारी प्रारंभिक जांच के अनुसार, वह इसरो वैज्ञानिक नहीं है। आगे की जांच अपराध शाखा द्वारा की जाएगी और अगर वह झूठ बोलता पाया गया तो उसके खिलाफ प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज की जाएगी।












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