शख्स जो 8 साल जेल में रहा, वहीं से कर लीं 31 डिग्रियां, बुढ़ापे में बनाया ऐसा रिकॉर्ड
अहमदाबाद। क्या आप ऐसे आदमी को जानते हैं जो बरसों जेल में रहा हो और वहीं से बहुत सारी डिग्रियां कर ले, उसके बाद छूटते ही उसे नौकरी मिल जाए! आज यहां हम आपको ऐसे ही एक आदमी के बारे में बताने जा रहे हैं। यह कहानी है- डॉ. भानुभाई पटेल की। जिनका नाम कोरोनाकाल में सामने आया था। अब 'मेरी जिंदगी बदलने वाले 8 साल, तीन महीने और 26 दिन अहमदाबाद सेंट्रल जेल को समर्पित...' किताब आई है, जिसमें आप इनके बारे में विस्तार से जान सकते हैं।
Recommended Video

डॉ. भानुभाई पटेल महुवा तहसील भावनगर
डॉ. भानुभाई पटेल मूलत: भावनगर की महुवा तहसील के निवासी हैं। उन्हें फॉरेन एक्सचेंज रेगुलेशन एक्ट के तहत जेल भेज दिया गया था। साबरमती जेल में उन्होंने 10 साल बिताए। उसके बाद 2011 में रिहा हुए। उनके बारे में कहा जाता है कि, वर्ष 1984 में एमबीबीएस की पढ़ाई के बाद वह अमेरिका चले गए थे। उनका एक दोस्त भी स्टूडेंट वीजा पर अमेरिका पहुंचा था। वह अपनी सैलरी डॉ. पटेल के खाते में ट्रांसफर करता था। इसके चलते पटेल फॉरेन एक्सचेंज रेगुलेशन एक्ट में फंस गए। जिसके लिए उन्हें दस साल की सजा हुई।

54 डिग्रियां और सर्टिफिकेट रखते हैं
जेल में रहने के दौरान डॉ. भानुभाई पटेल ने 31 डिग्री, डिप्लोमा और सर्टिफिकेट हासिल किए। जेल से बाहर आने के बाद भी उन्होंने 23 डिग्रियां और सर्टिफिकेट लेकर कुल संख्या 54 तक पहुंचा दी। इतनी सारी डिग्रियां और सर्टिफिकेट होने के चलते उनके पास नौकरियों के ढेरों ऑफर लेटर आए। सरकार नौकरी भी मिली। जेल से डिग्रियां करते हुए उन्होंने वर्ल्ड रिकॉर्ड तक बना डाला।

कोरोना-लॉकडाउन में लिखी किताबें
फिलहाल, वह 68 साल के हो चुके हैं। रिटायरमेंट के बाद भी वह पूरी तरह सक्रिय हैं। गुजरात के महुआ में आयुर्वेदिक और ऑर्गेनिक कृषि दवा बनाने वाली कंपनी में एक्जीक्यूटिव डायरेक्टर के तौर पर सम्मानजनक जिंदगी बिता रहे हैं। एक इंटरव्यू में उन्होंने कहा था कि, कोरोना-लॉकडाउन के दौरान वह 'जेल के सलाखों के पीछे सिद्धि, और 'मेरी जेल यात्रा, एक अतुल्य सिद्धि' टाइटल से 2 किताबें लाए। जिसमें उन्होंने अपनी जिंदगी के अनुभव शब्दों में उतार दिए।

घोषित डॉक्टर, कंसल्टेंट भी रह चुके
पेशे व उपाधि से भानुभाई पटेल एक डॉक्टर हैं, जेल में सजा काटने के बाद बाबा आंबेडकर ओपन यूनिवर्सिटी में कंसल्टेंट के रूप में भी सेवाएं दे चुके हैं। बहुत से विद्यार्थी इनकी कहानी से प्रेरित होते हैं और इनके द्वारा हासिल की गई डिग्रियों पर बात करते रहते हैं।












Click it and Unblock the Notifications