PM नरेंद्र मोदी गृहराज्य गुजरात के गुरुद्वारे से देंगे पंजाब को संदेश, यहां हैं गुरु नानक देव की खड़ाऊं
अहमदाबाद। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने गृहराज्य गुजरात आने वाले हैं। प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से आज बताया गया कि, मोदी शनिवार को गुजरात के कच्छ में स्थित लखपत साहिब गुरुद्वारे में होंगे। यहां आयोजित कार्यक्रम को मोदी ही संबोधित करेंगे। उनके संबोधन को सियासत के जानकार पंजाब चुनाव से जोड़कर देख रहे हैं। राजनीति-विशेषज्ञों का कहना है कि, इस तरह गुजरात के गुरुद्वारे का आयोजन पंजाब चुनावों पर जरूर असर डालेगा।

मोदी और भाजपा के अन्य नेता कच्छ से पंजाब में सिखों को लुभाने के प्रयास करेंगे। इसीलिए, मोदी के संबोधन की जानकारी प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से गुरु नानक देव के 552वें प्रकाश पर्व के मौके पर दी गई है। उनकी पार्टी द्वारा सिखों को ध्यान में रखते हुए अब तक कई फैसले लिए जा चुके हैं। इसी कड़ी में पिछले दिनों केंद्र सरकार ने गुरू पर्व के मौके पर ही 3 विवादित कृषि कानूनों को वापस लिया था। अब पंजाब में चुनावों से पहले गुजरात के गुरुद्वारे का आयोजन भी सियासी मायने में उनकी पार्टी के लिए खास साबित हो सकता है।

मोदी सरकार द्वारा कुछ समय पहले करतारपुर कॉरिडोर को भी खोलने की मंजूरी दी गई थी। उस फैसले को भी पंजाब के चुनावों से ही जोड़कर देखा जा रहा है। बता दें कि, गुजरात की सिख संगत की ओर से 23 से 25 दिसंबर के दौरान हर साल गुरु नानक देव की जयंती पर कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है। ऐसे में जब मोदी 25 दिसंबर को गुजरात के गुरुद्वारे के कार्यक्रम में हिस्सा लेंगे तो सिखों का ध्यान उन जाएगा।
प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक, मोदी जिस गुरुद्वारे में संबोधन देंगे, वह वही गुरुद्वारा है जहां 2001 के भूकंप के दौरान कुदरत का कहर बरपा था। सत्तारूढ़ भाजपा ने वहां निर्माणकार्य करवाए। सिखों में मान्यताएं हैं कि,अपनी यात्राओं के दौरान गुरु नानक देवी जी ने लखपत में प्रवास किया था। ऐसे में उनकी स्मृति में ही यह गुरुद्वारा बना। इसे सिख समुदाय के लिए पवित्र जगह माना जाता है। माना जाता है कि यहां गुरु नानक देव की खड़ाऊं, पालकी और गुरमुखी में लिखी कई चीजें मौजूद हैं।












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