आंगन में सो रहे 75 साल के बुजुर्ग को तेंदुए ने मार डाला, हाथ जंजीर से बंधा मिला
अमरेली। गुजरात में अमरेली से सनसनीखेज घटना सामने आई है। यहां 75 साल के एक बुजुर्ग को तेंदुए ने मार डाला। उनकी पहचान धारी तहसील के अमृतपुर गांव में रहने वाले मनुभाई सावलिया के तौर पर हुई, जो कि घर में अकेले रहते थे। रात के समय रोज वह आंगन में ही सोते थे। हालांकि, बुधवार सुबह जब एक पड़ोसी ने उन्हें देखा तो उसकी सिट्टी-पिट्टी गुम हो गई। वहां मनुभाई सावलिया मृत पड़े थे।

पड़ोसियों ने फिर पुलिस एवं वन विभाग को सूचना दी। जिसके बाद टीमें पहुंचीं। पुलिस ने पाया कि, सावलिया का खून से सना शव जमीन पर पड़ा था। हैरानी की बात यह थी कि बुजुर्ग का एक हाथ जंजीर से बंधा मिला। अब पुलिस यह पता लगा रही है कि बुजुर्ग को जंजीर से किसने और क्यों बांधा था। एक पुलिस अधिकारी ने घटना की पुष्टि करते हुए कहा कि, गुजरात के अमरेली जिले में मंगलवार रात को यह घटना हुई। उनके पड़ोसियों से पता चला है कि, मृतक रोज रात में आंगन में ही सोता था। वो जब घर के आंगन में सो रहे थे, तभी तेंदुए ने उन्हें शिकार बनाया।

आए रोज हो रहे ऐसे हमले
हाल ही यहां कालावड तहसील स्थित जुवानपर गांव में तेंदुए ने एक बच्ची पर हमला कर दिया था। गांव के कुत्तों को तेंदुए की भनक लग गई। कुत्ते तेंदुए की ओर दौड़े और भौंकने लगे। कुत्तों द्वारा प्रतिकार किए जाने पर तेंदुए ने बच्ची को छोड़ दिया और वहां से जंगल की ओर भाग गया था। उसके बाद लोगों ने वन विभाग के लिए सूचना दी। तब रेंज फॉरेस्ट ऑफिसर ने तेंदुए के हमले में जख्मी बच्ची को राजकोट के सरकारी अस्पताल भिजवाया। गांव के बुजुर्गों ने कहा कि, तेंदुए की वजह से वे दहशत में हैं। तेंदुआ क्षेत्र के खरेडी, धुन धोराजी सहित अलग-अलग गांवों में घूमने के बाद कालावड तहसील के जुवानपर गांव में घुसा था।
कालावड के रेंज फॉरेस्ट ऑफिसर चौहाण ने कालावड तहसील के किसानों व वाडी पर रहकर मजदूरी करने वाले लोगों को रात के समय सुरक्षित स्थान पर जाने की सलाह दी है। वहीं, फॉरेस्ट आॅफिसर की ओर से कहा गया है कि, कालावड के अलावा जामनगर के वन विभाग की टीमों की ओर से तेंदुए को पकडऩे के प्रयास किए जा रहे हैं।












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