गुजरात: ₹800 करोड़ के घोटाले के आरोपी पूर्व गृहमंत्री विपुल चौधरी 7 दिन की रिमांड पर, खोल ली थीं 31 कंपनियां
मेहसाणा। गुजरात के पूर्व गृहमंत्री विपुल चौधरी ₹800 करोड़ की अनियमितता के आरोपी हैं, पुलिस द्वारा उन्हें मेहसाणा कोर्ट में पेश किया गया। कोर्ट ने उन्हें 7 दिन की रिमांड पर भेज दिया है। बता दें कि, विपुल चौधरी दूधसागर डेयरी के पूर्व अध्यक्ष हैं। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने उनको वित्तीय अनियमितता के मामले में गिरफ्तार किया। उन पर, दूधसागर डेयरी में 800 करोड़ की अनियमितता के आरोप हैं। उन्हें कुछ साल पहले भी गिरफ्तार किया गया था।

जाली दस्तावेजों से 31 कंपनियां बनाईं
एसीबी की ओर से कहा गया है कि, वित्तीय अनियमितता के माध्यम से करोड़ों जुटाने के अलावा विपुल चौधरी ने अपने कार्यकाल के दौरान धन को वैध बनाने के लिए जाली दस्तावेजों का उपयोग करके 31 कंपनियां बनाईं और आय को उन संस्थाओं के बैंक खातों में जमा कर दिया। चौधरी गुजरात कॉरपोरेटिव मिल्क मार्केटिंग फेडरेशन के पूर्व अध्यक्ष भी हैं, जो अमूल ब्रांड के मालिक हैं। उन्होंने मेहसाणा दूधसागर डेयरी का भी नेतत्व किया है। एसीबी अधिकारियों का कहना है कि, विपुल के खिलाफ पर्याप्त सुबूत हैं। गिरफ्तारी के बाद विपुल को मेहसाणा कोर्ट में पेश किया गया।

मेहसाणा कोर्ट में पेश किया गया
एसीबी के मुताबिक, अरबुदा सेना के संस्थापक और पूर्व गृह मंत्री विपुल चौधरी की मेहसाणा कोर्ट ने 7 दिन की रिमांड को मंजूरी दे दी है। हालांकि, पुलिस ने 10 दिन के रिमांड की मांग की थी। उनके बारे में यह तर्क दिया गया था कि वित्तीय लेनदेन की जांच के लिए रिमांड की आवश्यकता थी।

23 तारीख तक रिमांड पर
बताया जा रहा है कि, शुक्रवार को विपुल चौधरी को 12 बजे कोर्ट के पिछले गेट से ले जाया गया था, क्योंकि मेहसाणा कोर्ट के सामने वाले गेट पर अरबुदा सेना के कार्यकर्ताओं की भीड़ जमा हो गई थी। वहीं, कोर्ट ने उनको 23 तारीख तक यानी 7 दिन की रिमांड पर भेज दिया।












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