इंटर्न डॉक्टरों की हड़ताल पर सरकार का फैसला- 11 महीने तक 5 हजार का एडवांस स्टाइपेंड
अहमदाबाद। स्टाईपेंड बढ़ाने की मांग कर रहे गुजरात के सरकारी इंटर्न डॉक्टर्स को सरकार ने कुछ राहत दी है। विजय रूपाणी के अगुवाई वाली सरकार ने इन डॉक्टरों को 11 महीने तक 5 हजार का अतिरिक्त स्टाइपेंड देने का फैसला लिया है। कहा गया है कि, कोरोना काल को लेकर दी गई राहत अप्रैल 2020 से प्रभावी होकर 11 महीनों तक मिलती रहेगी। यानी 11 महीनों तक कुल स्टाइपेंड 13 हजार से बढ़कर 18 हजार रुपए प्रति माह हो जाएगा। वहीं, अनिश्चितकालीन हड़ताल पर उतरने वाले इंटर्न डॉक्टरों की मांग थी कि उनका स्टाइपेंड कम से कम 20 हजार रुपए किया जाए।

इंटर्न डॉक्टर्स पिछले हफ्ते से हड़ताल पर थे। उनका कहना था कि, हमें हर महीने सिर्फ 12,800 रुपए वेतन ही दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि, हम अप्रैल महीने से ही कोविड सेंटर में सेवाएं दे रहे हैं। इस दरम्यान करीब 300 डॉक्टर्स कोरोना की चपेट में भी आए। वे अपनी तरफ से पूरी मेहनत करते हैं, लेकिन उन्हें हर महीने सिर्फ 12,800 रुपए वेतन ही दिया जा रहा है। यह वेतन काफी कम है। इसलिए इसे बढ़ाया जाए।' डॉक्टर्स के संघ का कहना था कि सरकार के फैसले तक राज्य के इंटर्न डॉक्टर्स हड़ताल पर ही रहेंगे। उनका कहना था कि, 'हमारा वेतन अन्य डॉक्टर्स की तुलना में बहुत कम है। हमारी मांग है कि स्टाइपेंड 12,800 की बजाए 20 हजार रुपए किया जाए।'

इस तरह इंटर्न डॉक्टरों के हड़ताल पर उतरने के बाद गुजरात के उप मुख्यमंत्री नितिन पटेल और स्वास्थ्य मंत्री की बैठक शुरू हो गई। इस पर उपमुख्यमंत्री नीतिन पटेल ने उनकी मांग को स्वीकार करते हुए घोषणा की कि, प्रोत्साहन के रूप में 5000 रुपए का अतिरिक्त स्टाइपेंड (भत्ता) चुकाया जाएगा। नितिन पटेल ने कहा कि, यह प्रोत्साहन भत्ता अप्रैल 2020 से फरवरी 2021 तक ही मिलेगा। उन्होंने यह भी कहा कि, राज्य की सरकारी और जीएमआरईआरएस कॉलेज के इंटर्न डॉक्टरों को मौजूदा समय में 13 हजार रुपए स्टाइपेंड चुकाया जाता है, उसमें कोई वृद्धि नहीं की गई है।'
बता दिया जाए, राज्य सरकार ने कोरोना काल के दौरान इंटर्न डॉक्टरों को भी इलाज के काम में लगाया था।












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