गुजरात के निजी अस्पताल में आग, ICU वार्ड में झुलसे बच्चे, 1 की मौत
गुजरात के निजी अस्पताल के आईसीयू वार्ड में आग लगने के कुछ बच्चों के झुलस गए। हॉस्पिटल से नवजात को दीसा के रेफरल अस्पताल पहुंचाया गया।

निजी अस्पताल के आईसीयू वार्ड में आग से झुलसे बच्चों को पहले सिहोरी रेफरल अस्पताल ले जाया गया। लेकिन आरोप है किया यहां एक डॉक्टर के कथित रूप से बुरे बर्ताव के कारण परिजनों ने नवजात को दीसा के रेफरल अस्पताल में भर्ती कराया। जबकि आग से झुलसे एक शिशु की मौत हो गई।
मामला गुजरात के बनासकांठा जिले के शिहोरी गांव स्थित एक निजी चाइल्ड हॉस्पिटल का है। जहां हनी अस्पताल के पीडियाट्रिक आईसीयू वार्ड में बुधवार को सुबह करीब 5:45 बजे अचानक आग लग गई। आग में झुलसे सात दिन के एक शिशु की मौत हो गई, जबकि दो अन्य गंभीर रूप से झुलस गए।
घटना की वजह शॉर्ट सर्किट बताई जा रही है। दो घायल बच्चे कुलदीपसिंह (5 दिन) और आरती सोलंकी (8 दिन) की हालत गंभीर बताई जा रही है। पुलिस ने कहा कि आग से झुलसे बच्चों को पहले शिहोरी के सरकारी रेफरल अस्पताल ले जाया गया, लेकिन वहां डॉ. प्रतीक राठौड़ के कथित दुर्व्यवहार के कारण रिश्तेदारों ने शिशुओं को दीसा के एक रेफरल अस्पताल में भर्ती कराया। पुलिस ने बताया कि डॉ राठौड़ ने कथित तौर पर एक शिशु को भर्ती करने से इनकार कर दिया था। मरने वाले बच्चे की पहचान लाला रावल के रूप में की गई है।
घटना के बाद अस्पताल के बाहर स्थानीय लोग जुट गए। उन्होंने जमकर हंगामा किया और आईसीयू के डॉक्टर पर लापरवाही का आरोप लगाया। वहीं अस्पताल के अधिकारियों ने आरोप लगाया कि ग्रामीणों ने अन्य शिशुओं के लिए भी खतरे की स्थिति पैदा कर दी। वे आईसीयू का दरवाज तोड़ने का प्रयास कर रहे थे। मौके पर स्थिति को नियंत्रित करने के लिए अस्पताल प्रशासन को पुलिस बल बुलाना पड़ा।












Click it and Unblock the Notifications