गुजरात: 4 सीटों पर राज्यसभा चुनाव से पहले कांग्रेस में खलबली, 65 विधायकों को रिजॉर्ट्स में रखा
राजकोट। गुजरात में 4 सीटों के लिए होने वाले राज्यसभा चुनाव से पहले कांग्रेस एक बार फिर टूट रही है। एक के बाद एक उसके तीन विधायक इस्तीफा दे चुके हैं। मार्च से अब तक 8 विधायकों ने पार्टी से नाता तोड़ लिया है। यह स्थिति पनपने पर कांग्रेस में खलबली मच गई है। इसलिए वोटिंग से पहले वह अपने बचे हुए विधायकों को विभिन्न जगहों पर छुपा रही है। कांग्रेस की प्रदेश इकाई ने सौराष्ट्र जोन के सभी विधायकों को पूर्व विधायक इंद्रनील राजगुरु के रिसॉर्ट में रखा है। जबकि, शेष विधायकों को कुछ और अलग जोन के लिए रवाना कर दिया है।
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संख्याबल बचाने के लिए विधायकों को विभिन्न जगह ठहराया
जानकारी के मुताबिक, विपक्षी दल द्वारा अपने 65 विधायकों को अलग-अलग जोन में भेजा जा चुका है। जिनमें से उत्तरी क्षेत्र के 21 विधायकों को अम्बाजी रिजॉर्ट में भेजा गया है। इसी तरह सामूहिक रूप से सभी विधायकों को ठहराया जा रहा है। साथ ही हर जोन की जिम्मेदारी कांग्रेस के बड़े नेताओं को सौंपी गई है। पार्टी के इस फैसले से संगठन की आंतरिक कलह को लेकर सवाल उठने लगे हैं। जैसा कि, कुछ विधायकों के इस्तीफे के बाद पार्टी ने बीजेपी पर खरीद-फरोख्त का आरोप लगाया। जबकि, बीजेपी आरोपों को नकार रही है।
कोरोना-लॉकडाउन में जाहिर किया था यह डर
भाजपा राज्यसभा चुनाव में चारों सीटें न जीत ले, इसीलिए कांग्रेस की आलाकमान अपने विधायकों के संख्याबल को बचाने में तल्लीन है। वह किसी भी तरह का रिस्क लेने के मूड में नहीं है। बीते दिनों ही कोरोना से जूझने के दौरान राज्य सरकार की नाकामी को इंगित करते हुए कांग्रेस ने आशंका जाहिर की थी कि भाजपा हमारे विधायकों की खरीद-फरोख्त में लगी है। कांग्रेस के ट्विटर हैंडिल से कहा भी गया था कि, कोरोना को रोकने में विफल सरकार का विधायकों के व्यापार पर पूरा नियंत्रण है। कोई भी सरकार या पार्टी इतने स्तर पर कैसे गिर सकती है?''












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