जनता कर्फ्यू: गुजरात में महानगरपालिका-नगरपालिकाएं सार्वजनिक स्थलों पर छिड़क रहीं दवा
गांधीनगर. कोरोनावायरस की स्थिति गंभीर होती जा रही है। ऐसे में प्रधानमंत्री मोदी की अपील पर पूरे देश में जनता कर्फ्यू लगा है। पीएम के आह्वान का असर उनके गृह राज्य गुजरात में भी देखने को मिल रहा है। यहां सबसे अधिक आबादी वाले शहर अहमदाबाद, सूरत, वडोदरा, राजकोट और जामनगर, जूनागढ़ और राजधानी गांधीनगर में सड़कें सुबह से ही सुनसान रहीं। गांव-कस्बों की सड़कों पर भी इक्का-दुक्का लोग ही नजर आए। ऐसे में विभिन्न स्थानों पर महानगरपालिका और नगरपालिकाएं सार्वजनिक स्थलों पर दवाओं का छिड़काव करती देखी गईं। अमूमन खासी भीड़ से गुलजार रहने वाले बाजार और इलाके फिलहाल सूने पड़े हैं।

राज्य में रविवार को पहली मौत
राज्य में कोरोना से पीड़ित एक बुजुर्ग की रविवार को मौत हो गई। यह मौत सूरत में एक 67 साल के बुजुर्ग की हुई, जो कि अस्थमा के मरीज थे और उनकी दोनों किडनी फेल हो गई थीं। डाक्टरों के मुताबिक, कोरोना का असर उन लोगों पर ज्यादा हो रहा है, जिनकी इम्यूनिटी कमजोर है। 67 साल के शख्स की मौत की वजह, उन्हें हो चुके अन्य रोग भी थे। उनकी मौत के साथ ही देश में कोरोना से मरने वालों का आंकड़ा 7 तक पहुंच गया।

इन जिलों में हैं कोरोना के मरीज
अभी तक सामने आए मरीजों में सर्वाधिक पांच अहमदाबाद से, तीन-तीन वडोदरा और सूरत तथा एक-एक राजकोट, गांधीनगर और कच्छ जिले में हैं। हालांकि, हफ्तेभर पहले तक गुजरात में एक भी पॉजिटिव केस सामने नहीं आया था, वहीं अब 18 मरीज पाए जा चुके हैं। शनिवार दोपहर तक प्राप्त जानकारी के अनुसार, राज्य में 13 ऐसे लोगों की पहचान हुई, जिनमें वायरस प्रवेश कर चुका था।

4 बड़े शहरों को सरकार ने किया लॉकडाउन
बता दें कि, गुजरात सरकार ने 4 बड़े शहरों अहमदाबाद, सूरत, राजकोट और वडोदरा को लॉकडाउन घोषित कर दिया है। 25 मार्च तक इन शहरों में केवल जरूरी सामानों की बिक्री को मंजूरी दी है। दूध, सब्जी, मेडिकल उपकरण और दवाइयों की दुकानें और हॉस्पिटल खुले रहेंगे। जबकि, सरकारी दफ्तरों में आधा स्टाफ ही काम करेगा।












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