Gujarat Election Results 2022: बिलकिस बानो के बलात्कारियों को "संस्कारी"बताने वाले BJP विधायक जीते या हारे
गुजरात चुनाव 2022 के पहले 15 अगस्त को बिल्किस बानो के 11 आरोपियों को जेल से रिहा कर दिया गया था। इन आरोपियों को गोधरा से 6 बार भाजपा विधायक रहे चंद्रसिंह राउलजी ने संस्कारी कहा था। जानिए वो जीते या हारे?

गुजरात विधानसभा चुनाव परिणाम में भारतीय जनता पार्टी को ऐतिहासिक जीत मिली है। भाजपा ने भले ही पार्टी ने एक भी मुस्लिम को मैदान में नहीं उतारा लेकिन इस चुनाव में गुजरात की कई मुस्लिम बहुल सीटों पर सत्तारूढ़ दल भाजपा जीती। भाजपा ने मुस्लिम आबादी बहुल्य वाली 17 में से 12 सीटों पर जीत की ओर बढ़ रही है। ऐसा तब हो रहा है जब गुजरात चुनाव में कांग्रेस ने बिल्किस बानो के आरोपियों को भाजपा सरकार द्वारा रिहा किए जाने का जमकर मुद्दा बनाया था और मुस्लिम वोटरों की हितैषी होने का दावा किया था, लेकिन परिणामों से साफ जाहिर है कि कांग्रेस के बड़ी संख्या में वोट भाजपा की झोली में इस बार गिरे हैं। ऐसे में आइए जानते हैं कि बिल्किस बानो के बलात्कारियों को "संस्कारी" बताने वाले गुजरात के पूर्व मंत्री चंद्रसिंह राउलजी को अपनी निर्वाचन सीट से जीत मिली या हार?

भाजपा के चंद्रसिंह राउलजी की गोधरा सीट से जानें क्या है हाल
याद रहे ये वो ही भाजपा के उम्मीदवार चंद्रसिंह राउलजी है जो बिलकिस बानो के बलात्कारियों को रिहा करने के फैसले में शामिल थे। सर्वसम्मति से 2002 के गुजरात दंगों के दौरान बिलकिस बानो के साथ बलात्कार करने और हत्याओं के दोषी 11 लोगों को 15 अगस्त को राज्य की नीति के तहत रिहा कर दिया गया था। जिसके बाद भाजपा विधायक चंद्रसिंह राउल ने इन आरोपियों को "संस्कारी ब्राह्मण" बताया था। जिसका जमकर विरोध हुआ था इसके बावजूद छह बार के विधायक रहे चंद्रसिंह राउल को भाजपा ने इस चुनाव में उम्मीदवार बनाया था वो इस चुनाव में गोधरा में जीत रहे हैं। वह इस निर्वाचन क्षेत्र से छह बार के विधायक रह चुके हैं। चंद्रसिंह राउलजी ने गोधरा सीट पर बड़ी जीत हासिल की। उन्होंने कांग्रेस उम्मीदवार को 35198 वोटों के बड़े अंतर से हरा दिया।

भाजपा को मिला मुस्लिम मतदाताओं का प्यार
बता दें गुजरात के मुस्लिम बहुल्य क्षेत्रों पर जहां कांग्रेस का वर्चस्व रहा वहां पर भी भाजपा जीत रही है। जिसमें दरियापुर, एक मुस्लिम बहुल सीट जिस पर कांग्रेस ने 10 साल तक कब्जा किया। कांग्रेस विधायक ग्यासुद्दीन शेख भाजपा उम्मीदवार कौशिक जैन से हार गए।

ओवैसी की पार्टी ने मुस्लिम वोटों को किया विभाजित
वहीं आम आदमी पार्टी (आप) ने जिन 16 मुस्लिम बहुल सीटों पर चुनाव लड़ा था, उनमें से किसी पर भी पंजीकरण कराने में विफल रही है। हालांकि, असदुद्दीन ओवैसी की एआईएमआईएम पारंपरिक रूप से वोटों को विभाजित करने में बड़ी भूमिका में नजर आई। AIMIM के पास दो गैर-मुस्लिमों सहित 13 उम्मीदवार हैं, जिन्होंने जमालपुर-खड़िया और वडगाम जैसी मुस्लिम बहुल सीटों पर कांग्रेस के वोट काटे। जमालपुर-खड़िया में कांग्रेस के इमरान खेड़ावाला हार रहे हैं। वडगाम में जिग्नेश मेवाणी मामूली अंतर से पीछे चल रहे हैं।












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