भाजपा ने राजनाथ सिंह को सौंपी बड़ी जिम्मेदारी, गुजरात में विधायक दल के नेता के चुनाव के लिए बनाया पर्यवेक्षक
भारतीय जनता पार्टी ने गुजरात विधायक दल के नेता के चुनाव के लिए रक्षामंत्री राजनाथ सिंह को पर्यवेक्षक बनाया है। आपको बता दें कि 12 दिसंबर को गुजरात में मुख्यमंत्री पद के लिए शपथ ग्रहण कार्यक्रम होगा।

गुजरात विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने ऐतिहासिक जीत दर्ज की है। पार्टी को कुल 156 सीटें मिली हैं। गुजरात के अब तक इतिहास में इतनी सीटें किसी भी पार्टी को नहीं मिली थी। इस जीत का श्रेय पार्टी की तरफ से केंद्रीय नेतृत्व के अलावा मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल को भी दी गई है। राज्य के मुख्यमंत्री के तौर पर दूसरी बार वह 12 दिसंबर को शपथ लेंगे। इस बात की जानकारी भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सीआर पाटिल की तरफ से गुरुवार की शाम को दी गई थी।
भाजपा ने विधायक दल के लिए इनकों नियुक्त किया पर्यवेक्षक
भारतीय जनता पार्टी (BJP) की तरफ से विधायक दल की बैठक के लिए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा और केंद्रीय मंत्रीय अर्जुन मुंडा को गुजरात भाजपा विधायक दल की बैठक के लिए पर्यवेक्षक बनाया है। इस बात की जानकारी भाजपा ने खुद दी है।
राजनाथ के अलावा इनकों बनाया गया है पर्यवेक्षक
भाजपा संसदीय बोर्ड ने गुजरात में पार्टी के विधायक के नेता के चुनाव के लिए राजनाथ के अलावा जिन लोगों को पर्यवेक्षक बनाया है, उनमें कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री येदियुरप्पा और केंद्रीय जनजातीय कार्य मंत्री, अर्जुन मुण्डा भी शामिल हैं।
गुजरात में कांग्रेस हुई पूरी तरह फ्लॉप
गुजरात विधानसभा चुनाव में कांग्रेस पूरी तरह से फ्लॉप रही। पार्टी को सिर्फ 17 सीटों पर जीत मिली। गुजरात में पार्टी की यह अब तक की सबसे बड़ी हार है। वहीं, गुजरात में पहली बार चुनाव लड़ रही आप की बात करें तो पार्टी को यहां पर 5 सीटों पर जीत मिली है। हालांकि, 35 सीटों पर पार्टी नंबर दो पर रही है। जबकि 4 अन्य सीटों पर निर्दलीय प्रत्याशियों सहित अन्य की जीत हुई है।
आप की वजह से कांग्रेस को हुआ भारी नुकसान
आपकी वजह से कांग्रेस को भारी नुकसान हुआ है। पार्टी की तरफ से दावा करते हुए कहा गया है कि उसके वोटर्स आप पर सिर्फ हो गए। आप ने प्रदेश में कांग्रेस का वोट काटने का काम किया है। वहीं, आदिवासी वाले बाहुल्य क्षेत्र में भी आपकी वजह से कांग्रेस को नुकसान उठाना पड़ा। जहां पार्टी को पिछले चुनावों में 15 सीटों पर जीत मिली थी, वहीं इस बार उसे सिर्फ एक सीट ही नसीब हुई।
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