गुजरात में देश का सबसे बड़ा रेल ई-टिकट घोटाला, सॉफ्टवेयर इंजीनियर से 29,227 ई-टिकट जब्त
भरुच. गुजरात में भरुच जिले के अंकलेश्वर में देश का सबसे बड़ा रेल ई-टिकट घोटाला सामने आया है। यहां पश्चिम रेलवे के दस्ते ने 7.97 करोड़ की कीमत के ई-टिकट जब्त किए हैं। यह घपला सॉफ्टवेयर इंजीनियर करता था, जो कि आईआरसीटीसी की वेबसाइट पर 50568 यूजर आईडी बनाकर लंबी दूरी की यात्रा की टिकटें ब्लैक में बेचता था। बहुत से यात्रियों ने उससे टिकट प्राप्त कीं। मगर, जब उसकी पोल खुली तो इस कार्रवाई से खलबली मच गई।

ई-टिकट्स का गोरखधंधा कर रहा था अमित
मुम्बई रेलवे सुरक्षा बल के आईजी ए. के. सिंह ने बताया कि, सॉफ्टवेयर इंजीनियर अमित प्रजापति रेलवे के ई-टिकट्स का गोरखधंधा कर रहा था। अंकलेश्वर में दर्ज अमित प्रजापति केस की जांच की जिम्मेदारी सूरत रेलवे सुरक्षा बल निरीक्षक ईश्वर सिंह यादव को दी गई है। इसके अलावा मुम्बई से बुधवार को डीएससी देवांश शुक्ला भी सूरत पहुंचे हैं और अमित तथा सुपर सेलर इरफान से पूछताछ की जा रही है।

इंजीनियर के पास से कुल 29227 ई-टिकट जब्त
अमित प्रजापति (34) अंकलेश्वर का ही निवासी है। उसने आईआरसीटीसी की वेबसाइट पर 50568 यूजर आईडी बनाई हुई थी। उसने हग मैक सॉफ्टवेयर के जरिए टिकट बनाए और बेचे। पूछताछ में अमित ने आरपीएफ को बताया कि वह हवाला के जरिए पैसे लेता था। आरपीएफ आईआरसीटीसी के पास से पीएनआर डेटा को भी एकत्र कर रही है। 7.97 करोड़ रुपए के जब्त ई-टिकटों में से कई टिकटों का उपयोग हो चुका है, जबकि उपयोग नहीं हो पाई 8569 इ-टिकटों को जब्त कर लिया गया है। इनका मूल्य 2.59 करोड़ रुपए आंका गया।

सिर्फ 20 दिन का रिकॉर्ड बैकअप से मिल सका
रेलवे अधिकारी के अनुसार, आरपीएफ ने साफ्टवेयर इंजीनियर के पास से कुल 29227 ई-टिकट जब्त किए हैं। ई-टिकट के राष्ट्रीय नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं,अब आरपीएफ इसकी विवेचना कर रही है। पता चला है कि, ई-टिकट एजेंटों ने अलग-अलग जगहों से लाखों यात्रियों के ई-टिकट इस सॉफ्टवेयर की सहायता से बुक किए थे। बहरहाल, अमित प्रजापति (34) के पास हग मैक सॉफ्टवेयर का सिर्फ 20 दिन का रिकॉर्ड बैकअप से मिल सका है। इसमें करीब 55 हजार से अधिक यूजर आईडी मिली हैं, जो अलग-अलग व्यक्तियों के नाम से पर्सनल आइडी बनाकर लाखों यात्रियों की टिकटें बुक कर रहे थे।












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