Asaram Convict : अभियोजन ने कहा- 'आदतन अपराधी' है 81 साल का आसाराम, बचाव पक्ष ने क्या कहा ?
आसाराम को दुष्कर्म का दोषी पाया गया है। रेप केस में आसाराम को दोषी करार देते हुए कोर्ट ने कई अहम बातें कही हैं। जानिए अदालत की टिप्पणी और वकीलों की दलीलों समेत 10 बड़ी बातें

Asaram Convict : आसाराम बापू को दुष्कर्म के मामले में गांधीनगर की अदालत ने दोषी करार दिया। जघन्य वारदात के मामले में लंबे समय बाद आया कोर्ट का फैसला कई मायनों में अहम है। कोर्ट में सजा के दौरान आसाराम को रेप का दोषी माना गया। अदालत में अभियोजन पक्ष ने कहा कि सबूतों और गवाहों के आधार पर आसाराम को आदतन अपराधी माना जा सकता है। अहमदाबाद कोर्ट में आसाराम जैसे अपराधी को आजीवन कारावास की सजा सुनाने की मांग भी की गई।
आदतन अपराधी को सख्त सजा मिले
आसाराम पर 2013 में एक महिला शिष्या से बलात्कार का आरोप लगा। 13 साल पुराने मामले में गांधीनगर की अदालत ने दोषी ठहराया। अभियोजन पक्ष ने मंगलवार को गांधीनगर की एक अदालत के समक्ष दावा किया कि 2013 में एक पूर्व शिष्या ने बलात्कार का मामला दायर किया। कोर्ट में अभियोजन पक्ष ने आसाराम को "आदतन अपराधी" बताया और स्वयंभू संत के लिए आजीवन कारावास के साथ भारी जुर्माने की मांग भी की।
अहमदाबाद में किस न्यायाधीश ने सुनाई सजा
दोषी करार दिए जाने के बाद आसाराम बापू मामले में विशेष लोक अभियोजक आरसी कोडेकर ने कहा कि सत्र अदालत के न्यायाधीश डी के सोनी ने आसाराम को कितनी सजा दी जाए, इस बिंदु पर दलीलें पूरी कीं। दोपहर साढ़े तीन बजे अंतिम आदेश सुनाया गया।
जोधपुर जेल में बंद 81 साल के तांत्रिक
81 वर्षीय तांत्रिक वर्तमान में जोधपुर जेल में बंद है। वह 2013 में राजस्थान में अपने आश्रम में एक नाबालिग लड़की से बलात्कार के एक अन्य मामले में भी आसाराम को आजीवन कारावास की सजा हुई है।
सूरत में रहने वाली महिला मोटेरा में बनी शिकार
मंगलवार को गुजरात के गांधीनगर की अदालत ने आसाराम को 2013 में दर्ज एक मामले में सूरत की रहने वाली महिला शिष्या से 2001 से 2006 के दौरान कई बार बलात्कार का दोषी ठहराया। दुष्कर्म उस समय हुआ जह शिष्या अहमदाबाद के पास मोटेरा में अपने आश्रम में रह रही थी।
अधिकतम सजा- आजीवन कारावास !
कोडेकर ने तर्कों के निष्कर्ष के बाद अदालत के बाहर संवाददाताओं को बताया, "जिस अपराध के लिए आसाराम को अदालत द्वारा दोषी ठहराया गया है, उसके लिए अधिकतम आजीवन कारावास या 10 साल की जेल का प्रावधान है। अभियोजन पक्ष ने तर्क दिया है कि वह जोधपुर में इसी तरह के एक अन्य मामले में पहले ही दोषी ठहराया जा चुका है, ऐसे में आसाराम आदतन अपराधी है। कोर्ट ने अपील की है कि आसाराम को आदतन अपराधी मानते हुए सख्त से सख्त सजा दी जाए।
पीड़िता को बंदी बनाकर किया दुष्कर्म
अभियोजन पक्ष ने कहा कि, हमने अदालत से कहा है कि जिस तरह से आसाराम ने पीड़िता को बंदी बनाकर रखा, उसके साथ बलात्कार किया और उसके साथ दुष्कर्म किया और उसे आश्रम में कैद रहने के लिए मजबूर किया, उसके लिए आसाराम को सख्त से सख्त सजा मिलनी चाहिए। हमने अदालत से कहा कि उसे उम्रकैद की सजा दी जानी चाहिए। अदालत को उस पर भारी जुर्माना भी लगाना चाहिए, जिसमें पीड़िता को मुआवजा भी शामिल है।
आसाराम के वकील ने कहा- 10 साल की सजा पर ऐतराज नहीं
कोडेकर ने कहा कि बचाव पक्ष के वकील ने भी कहा कि उन्हें जेल में बंद तांत्रिक को 10 साल कैद की सजा पर कोई आपत्ति नहीं है। इससे पहले गांधीनगर कोर्ट ने सोमवार को आसाराम को भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 376 2 (सी) (बलात्कार), 377 (अप्राकृतिक अपराध), 342 (गलत हिरासत), 354 (महिला का शील भंग करने के इरादे से उस पर हमला या आपराधिक बल प्रयोग), 357 ( हमला) और 506 (आपराधिक धमकी) के तहत दोषी करार दिया था। बता दें कि करीब 9 साल पहले 2013 में उनकी पूर्व महिला शिष्या ने मामला दर्ज कराया था।
सबूतों के अभाव में आरोपी बरी
अभियोजन पक्ष ने कहा कि अदालत ने सबूतों के अभाव में आसाराम की पत्नी लक्ष्मीबेन, उनकी बेटी और अपराध को बढ़ावा देने के आरोपी चार शिष्यों सहित छह अन्य आरोपियों को बरी कर दिया था।












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