आसाराम के खिलाफ एक और केस, गुजरात हाईकोर्ट के आदेश- 6 महीने में पूरा करें ट्रायल
गांधीनगर। कथावाचक आसाराम और उसका बेटा उम्रकैद की सजा काट रहे हैं। दोनों बलात्कार के जुर्म में हैं। आसाराम के खिलाफ अब एक और महिला का केस अदालत में चल रहा है। सूरत की महिला ने आसाराम पर दुष्कर्म का केस दर्ज कराया था, 2014 से यह केस गांधीनगर जिला अदालत में लंबित है। अब हाईकोर्ट ने कहा है कि, इस केस का ट्रायल 6 महीने में पूरा किया जाए। लिहाजा माना जा रहा है कि अब यह केस लंबा नहीं चलेगा।

गुजरात हाईकोर्ट ने कहा है कि, आसाराम के केस का ट्रायल पूरा करने के लिए अब आखिरी बार समय दिया जा रहा है। वहीं, ट्रायल कोर्ट ने 9 महीने में मांगे गए समय को ठुकराकर 6 महीने में पूरा करने का आदेश दिया है। जस्टिस एजे देसाई ने कहा है कि, ट्रायल को जल्द पूरा करने पर जोर रहे। अब एक बार भी समय सीमा नहीं मिलेगी।

गौरतलब है कि, आसाराम राजस्थान के जोधपुर की जेल में बंद है। उसे एक छात्रा से दुष्कर्म मामले में उम्रकैद की सजा सुनाई गई थी। वहीं, उसका बेटा नारायण साईं भी जेल में सजा काट रहा है। पिता-पुत्र दोनों को महिलाओं के शोषण में जेल हुई थी।
आसाराम की पृष्ठभूमि
आसाराम का पूरा नाम आसूमल सिरूमलानी है। 17 अप्रैल 1941 को आसाराम सिंध प्रांत के नवाबशाह जिले के बेराणी गांव में पैदा हुआ। अब यह जगह पाकिस्तान में आती है। बताया जाता है कि, विभाजन के दौरान आसाराम का परिवार भारत आ गया था।आसाराम की शादी लक्ष्मी देवी के साथ कराई गई।जिससे दो बच्चे नारायण और भारती हुए। आसाराम ने कई काम-धंधे शुरू किए। वह कथावाचक बन गया। धीरे-धीरे इतनी प्रसिद्धि मिली कि उसके देश में लाखों फॉलोअर हो गए। उसने 10 हजार करोड़ का साम्राज्य खड़ा कर दिया।












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