Cyclone Biparjoy: बिपरजॉय की 'दहशत' के बीच 25 साल पुराना जख्म फिर हुआ हरा, जब हजारों लोगों की गई थी जान
Cyclone Biparjoy Alert: तूफानी चक्रवात बिपरजोय (Biporjoy) को लेकर गुजरात अलर्ट मोड पर है। गुजरात के तटीय इलाकों में एनडीआरएफ से लेकर जहाज तक मुस्तैद हैं। हर तरफ यही कोशिश है कि चक्रवात से गुजरात में नुकसान ना हो, लेकिन इस चक्रवात की दहशत के बीच 25 साल पहले 1998 की तबाही याद आ गई।
ऐसा ही एक तूफान कच्छ के लोगों के लिए जानलेवा बनकर आया, जब 9 जून 1998 को समुद्री तूफान ने भयंकर तबाही मचाई थी। बिपरजॉय को भी इसी 25 साल पहले के तूफान की तरह बेहद खतरनाक बताया जा रहा है।

उस दौरान अरब सागर में कम दबाव के चलते बना चक्रवात कांडला में लैंडफॉल हुआ था। जिसके बाद तूफान की रफ्तार 160 से 180 किमी प्रति घंटे पर पहुंच गई। इस चक्रवात से लगभग 10,000 लोगों की मौत हुई थी, जिसमें सबसे ज्यादा गुजरात में मौतें हुई।
गुजरात में मची थी तबाही
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक गुजरात में 1485 लोगों की जान गई, जबकि 1,700 लोग उस वक्त लापता हुए थे, जिनका आज भी कोई खबर नहीं है। इतना ही नहीं ये तूफान पशुओं पर भी काल बनकर टूटा था, जिसमें 11 हजार से ज्यादा पशुओं की अकाल मौत हो गई थी।
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फिर 25 साल बाद आ रहा तूफान
अब जब 15 जून 2023 को गुजरात में एक बार फिर चक्रवात लैंडफॉल होने वाला है, जो 25 साल पुराने जख्म याद कर लोगों ने अंदर सिहरन उठ रही है। बता दें कि उस दौरान कच्छ के कांडला बंदरगाह को काफी नुकसान हुआ था। हालांकि इस बार भी अलर्ट मोड पर आते हुए कांडला को खाली करवा लिया गया है। लोगों को भारी संख्या में शेल्टर होम में शिफ्ट किया गया है।
सरकार ने झोंकी पूरी ताकत
इस बार किसी तरह का नुकसान ना हो इसके लिए केंद्र से लेकर राज्य सरकार तक एक्शन मोड पर है। संभावित नुकसान को घटाने में प्रशासन ने पूरी ताकत झोंकी दी है। गुजरात के गृह मंत्री हर्ष सांघवी ने बताया है कि पिछले 5 दिनों से राज्य व जिला प्रशासन ने तटीय क्षेत्रों पर रह रहे लोगों को शरण स्थलों में शिफ्ट किया है। उनके खाने, पीने, दवा आदि की व्यवस्था की गई है। NDRF, SDRF, आर्मी की टीमें तैनात की गई है।












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