108 Emergency Service: 15 साल में लाखों को मिला सहारा, संकट मोचक बनकर आ रहा काम

गांधीनगर: गुजरात में 29 अगस्त, 2007 को राज्य के तत्कालीन मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हाथों शुरू हुई पहली बड़ी स्वास्थ्य उपयोगी '108 आपातकालीन सेवा' आज अन्य राज्यों के लिए भी अनुकरणीय मॉडल साबित हुई है। आज मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के नेतृत्व में, '108 आपातकालीन सेवा' गुजरात के हर शहर, जिले, तालुक से लेकर दूर-दराज के गांवों तक 24 घंटे मुफ्त सेवाएं उपलब्ध करा रही है। यह सेवा गुजरात के करोड़ों नागरिकों के लिए एक वरदान की तरह है, जो संकट के समय ही संकट मोचक बनकर सामने आता है।

The 108 emergency service, started 15 years ago in Gujarat, has helped lakhs of citizens in times of crisis

कुल 1,38,71,418 आपातकालीन कॉल अटेंड हुए
गुजरात में स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में तैनात '108 आपातकालीन सेवाओं' द्वारा अगस्त, 2022 तक रिकॉर्ड कुल 1,38,71,418 आपातकालीन कॉलों को सफलतापूर्वक अटेंड किया गया है। इसके माध्यम से एम्बुलेंस-ऑन-साइट में कुल 1.21 लाख से अधिक सफल प्रसव कराने के साथ-साथ 47,19,141 प्रसूति सेवाएं, सड़क दुर्घटना के मामले में 17,17,085, और 12,80,242 जीवन रक्षक सेवाएं प्रदान की गई हैं।

ईमानदारी की मिसाल भी पेश की
यही नहीं, गुजरात के अमरेली, बनासकांठा, देवभूमिवारका, जामनगर, वलसाड और अहमदाबाद जिलों के 108 के इमरजेंसी मेडिकल टेक्नीशियन (ईएमटी) और पायलटों ने घायलों के पास से मिले करीब 10 लाख रुपए का सामान और कैश लौटाकर ईमानदारी की एक मिसाल भी पेश की है।

इन आपात सेवाओं में भी दे रहा योगदान
जीवीके 108 के द्वारा आपातकालीन सेवाओं के अलावा अन्य आवश्यक आपात सेवाएं भी प्रदान किया जाता है। इसके तहत सितंबर, 2012 से पूरे गुजरात में चल रही 467 खिलखिलत एम्बुलेंस से 75.16 लाख से अधिक लाभार्थी लाभांवित हो चुके हैं। आरोग्य संजीवनी - मोबाइल स्वास्थ्य इकाइयों के रूप में संचालित 148 वैन से 1.74 करोड़ से अधिक नागरिकों को लाभ मिला है। वहीं मार्च, 2015 से शुरू हुई 181 महिला हेल्पलाइन के तहत 10.58 लाख से अधिक कॉल अटेंड किए गए हैं और 47 वैन के माध्यम से 2.15 लाख से अधिक महिलाओं को मौके पर ही आवश्यक सहायता प्रदान की गई है।

ये इमरजेंसी सेवाएं भी आ रही हैं काम
गुजरात में अक्टूबर, 2017 में शुरू की गई 104 स्वास्थ्य हेल्पलाइन के माध्यम से कुल 66.44 लाख कॉल को अटेंड किया गया है और जरूरतमंदों का जरूरी मार्गदर्शन दिया गया है। मई, 2018 में गुजरात में शुरू की गई 108 बोट एम्बुलेंस द्वारा 534 नागरिकों को सुरक्षित बचाया गया है। वर्तमान में गुजरात में दो 108 बोट एम्बुलेंस सेवाएं हैं। राज्य के 8 जिलों में फरवरी-2019 से संचालित 112 आपातकालीन सेवाओं के तहत 1.12 करोड़ से अधिक आपातकालीन कॉल, पुलिस आपातकाल, फायर इमरजेंसी, मेडिकल इमरजेंसी और आपदा से संबंधित कॉल पर तत्काल आवश्यक कदम उठाए गए हैं।

'108 एक नई पहल'
गुजरात में मार्च, 2020 से '108 एक नई पहल' के तहत टेलीमेडिसिन सेवाएं दी जा रही हैं यानी घर बैठे ही टेलीफोन से डॉक्टर परामर्थ दे रहे हैं, जिसमें चिकित्सा सलाह, कोविड -19 और विभिन्न स्वास्थ्य संबंधी सेवाओं के लिए 4.17 लाख से अधिक कॉल अटेंड किए गए हैं।

पशुओं के इलाज के लिए आपातकालीन इंतजाम
इसी तरह पशुओं से संबंधित आपातकालीन सेवा के लिए पहली बार 1962 अक्टूबर, 2017 में गुजरात सरकार द्वारा शुरू की गई थी। इसपर अब तक कुल 24.59 लाख से अधिक कॉल आए और 37 वैन के माध्यम से राज्य भर में 4.38 लाख जानवरों का इलाज किया गया। इसके अलावा जून, 2020 से गुजरात में पहले चल पशु चिकित्सालय की सुविधा शुरू की गई हैं। इसके तहत 460 चल पशु चिकित्सालयों के माध्यम से कुल 69.84 लाख से अधिक पशुओं को आपातकालीन उपचार दिया गया है।

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