World Tourism Day 2023: योगी सरकार में कुछ इस तरह बदली गोरखपुर में पर्यटन की तस्वीर
Gorakhpur News: आज गोरखपुर में उत्तर प्रदेश के ही नहीं बल्कि देश के कोने-कोने से पर्यटन आ रहे हैं। गोरखपुर लोगों को अपनी ओर आकर्षित कर रहा है। ऐसे योगी आदित्यनाथ के सूबे मुखिया बनने के बाद हुआ है। यहां के तालों , मंदिरों , नदियों को पर्यटन स्थल के रुप में विकसित किया गया।उन्हें विश्वस्तरीय पर्यटन स्थल का रुप दिया गया है। सड़कों का विस्तार किया गया। वायुयान,रेल,बस की कनेक्टीविटी को बढ़ाया गया। आइए एक नजर डालते हैं यहां के प्रमुख पर्यटन स्थल पर एंव उनके विकास पर -
रामगढ़ताल गोरखपुर का रामगढ़ताल आज देश ही नहीं विश्व में अपनी सुदंरता के लिए जाना जा रहा है। योगी आदित्यनाथ के सीएम बनने के बाद इसे एक नया रुप देने का काम शुुरु किया गया। इससे पूर्व यहां कचरे का ढ़ेर लगा रहता था। यहां से दुर्गन्ध आती थी। लेकिन कई सौ करोड़ रुपए की परियोजनाओं से इसका कायाकल्प हुआ। आज यह पर्यटन का प्रमुख केंद्र बना हुआ है। यहां प्रदतिदिन हजारों की संख्या में पर्यटक आते हैं। बोटिंग पर्यटकों के रोमांच को और बढ़ाता है। जल्द ही यहां क्रूज चलाने की योजना है। इसके साथ ही फ्लोटिंग रेस्टोरेंट का आनंद भी पर्यटक जल्द ले सकेंगे। इसके स्वरुप को अभी और भव्यता देने के लिए तीन सौ करोड़ रुपये की योजना पर काम चल रहा है।

गोरखनाथ मंदिर नाथ संप्रदाय के विश्व प्रसिद्ध मंदिर गोरखनाथ पर्यटकों के लिए हमेशा आकर्षण का केंद्र रहा है। विश्व भर में नाथ संप्रदाय के मामने वाले लोग हैं जो यहां प्रतिवर्ष आते रहे हैं। वर्ष भर यहां होने वाले सामाजिक उत्थान के कार्यक्रम लोगों में एक नई चेतना का विकास करते हैं। सूबे के मुखिया योगी आदित्यनाथ इसी पीठ के पीठाधीश्वर हैं। यहां लगने वाला मकर संक्रांति मेला विश्व में अपनी अलग पहचान रखता है। यहां का लाइट एण्ड शो कार्यक्रम लोगों के आकर्षण का प्रमुख केेंद्र हैं। इसके साथ ही यहां बोटिंग की भी व्यवस्था है।
राप्ती नदी तट योगी सरकार की खास योजना के तहत उत्तर प्रदेश की नदियों पर विशेष ध्यान देने का कार्य किया जा रहा है। इसी क्रम में गोरखपुर की राप्ती नदी को पर्यटन स्थल के रुप में विकसित किया गया है। पूर्व में यह स्थान सिर्फ बाढ़ प्रभावित था और यहां लोगों का आना भी कठिन था। लेकिन सीएम योगी की पहल पर नदी के दोनों किनारों को सुदंर रुप दिया गया है। घाट का मनोहर दृश्य लोगों को आकर्षित कर रहा है। यहां शिकारा चलाने की योजना पर तेजी से कार्य चल रहा है। आज यहां भारी संख्या में प्रतिदिन पर्यटकों का आना हो रहा है।
गीता प्रेस गीता प्रेस ने समय के साथ खुद को समायोजित किया है। कभी प्रिंटर पर काम करने वाला गीता प्रेस आज अत्यााुनिक मशीनों से लैश है। बाइंडिंग से लगाए प्रिटिंग की सभी मशीने जर्मनी,फ्रांस, जापान व इटली से मंगाई गयी हैं। यह हिंदू धार्मिक पुस्तकं प्रकाशित करने वाला विश्व का सबसे बड़ा संस्थान हैं। अभी हाल के कही दिनों में यहां प्रधानमंत्री मोदी का आगमन भी हुआ था। पवित्र गीता और इसकी व्याख्याओं, पवित्र महाकाव्य रामायण, महाभारत, पुराण, उपनिषद, विभिन्न संतों और गुरुओं की रचनाओं को प्रकाशित कर रहा है।
कुसम्ही वन
गोरखपुर- कुशीनगर फोरलेन पर स्थित के किनारे जंगल की लंबी श्रृखंला है। इसे कुसम्ही जंगल के नाम से जाना जाता है। यहां बुढिया माता मंदिर है। यहां मंदिर होने के कारण वर्ष भर पर्यटकों का आना लगा रहता है। इसके साथ ही जंगल का मनोहर दृश्य लोगों के आकर्षण का प्रमुख केंद्र हैं। इसे सरकार ने जंगल सफारी के रुप में विकसित करने की योजना बनाई है।
चिड़ियाघर गोरखपुर का शहीद अशफाक उल्ला खां प्राणी उद्यान गोरखपुर सहित प्रदेश के लोगों को अपनी ओर आकर्षति कर रहा है। यहां दूर दूर से प्रतिदिन भारी संख्या में पर्यटक आते हैं। शेर,चिता,तेुदुआ,गेण्डा,सांप,हिरन सहित जानवरों की कई प्रजातियां लोगों को आकर्षित कर रही हैं।












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