Child Labour News: इस उम्र के मासूमों से करा रहें हैं काम तो पढ़ लें पूरी खबर, हो सकती है यह कार्रवाई
World Day Against Child Labour Latest News Hindi Uttar Pradesh: प्रत्येक वर्ष 12 जून को बाल श्रम निषेध दिवस मनाया जाता है। इसका उद्देश्य बच्चों से जबरन काम कराए जाने की प्रथा के खिलाफ आवाज़ उठाना और समाज को इस कुरीति के प्रति संवेदनशील बनाना है। समाज में जागरूकता लाना है। बाल श्रम को बढ़ावा देने वाले बहुत लोग यह नहीं जानते होंगे कि इसके लिए उन्हें कड़ी से कड़ी सजा भी मिल सकती है। उनका जीवन जेल की सलाखों के पीछे बीत सकता है। वन इंडिया हिंदी रिपोर्टर पुनीत श्रीवास्तव ने गोरखपुर के श्रम प्रवर्तन अधिकारी धीरज सिंह से खास बातचीत की। इस दौरान उन्होंने बाल श्रम से जुड़ी कई महत्वपूर्ण बातों पर प्रकाश डाला।

श्रम प्रवर्तन अधिकारी धीरज सिंह ने बताया कि बाल श्रम को रोकने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे है। बाल श्रमिकों का आर्थिक और सामाजिक स्तर सुधारने का काम किया जा रहा है। बाल श्रमिकों में पहले की अपेक्षा बहुत कमी आई है। बाल श्रम (निषेध एवं विनियमन) अधिनियम, 1986 (संशोधित 2016) के मुताबिक 14 साल से कम उम्र के बच्चों से कोई भी काम करना पूरी तरह अपराध है। 14-18 वर्ष के किशोरों को खतरनाक उद्योगों में काम करना प्रतिबंधित है। घरेलू कार्य, ढाबे, फैक्ट्रियों में काम कराना भी निषिद्ध है। ऐसे करने या कराने वालो को 6 माह से 2 साल तक सजा हो सकती है। कोर्ट ऐसे मामलों के 20 से 50 हजार का जुर्माना लगा सकता है। इसके साथ ही 20 हजार की आरसी प्रतिवर्ष कट सकती है।
उन्होंने बताया कि बाल श्रमिक होने के पीछे कई कारण है। जिसमें सामाजिक और आर्थिक कारण बेहद महत्वपूर्ण है। बाल श्रमिक न हो इसके लिए लगातार जागरूकता फैलाई जा रही है। बच्चों का आर्थिक स्तर भी सुधारा जा रहा है।












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