DDU University: लाल किले की परेड के लिए राष्ट्रीय सेवा योजना के स्वयंसेवकों का चयन
Gorakhpur News: 26 जनवरी 2025 को होने वाले लाल किले की परेड के लिए राष्ट्रीय सेवा योजना दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय परिसर में राष्ट्रीय सेवा योजना के स्वयंसेवकों का चयन किया गया। इस चयन प्रकिया की शुरुआत विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. पूनम टंडन के द्वारा स्वामी विवेकानंद जी के चित्रों पर पुष्पांजलि एवं दीप प्रज्जवलन कर के किया गया। कुलपति ने सभी स्वयसेवकों को अपनी शुभकामनाएँ देते हे कहा कि गणतंत्र दिवस परेड में शामिल होना स्वयं सेवकों के लिए गर्व की बात है।स्वयंसेवक शिविर के विभिन्न चरणों में अच्छा प्रदर्शन करते हुए राष्ट्रपति पदक प्राप्त कर सकते हैं, जिससे विश्वविद्यालय के यश में अभिवृद्धि होगी।
एनएसएस समन्वयक डॉ सत्यपाल सिंह ने बताया कि प्रीआरडी चयन की प्रक्रिया विभिन्न चरणों में होती है। प्रथम चरण में महाविद्यालयों और विश्वविद्यालय द्वारा अपने स्तर पर स्वयंसेवकों का चयन किया जाता है। अगले चरण में विश्वविद्यालय स्तर पर पूर्व प्री आरडी एक दिवसीय शिविर लगाया जाता है।

इसमें चयनित स्वयंसेवकों का प्री.आर.डी. परेड शिविर का आयोजन किया जाता है। इस शिविर में शारीरिक माप , छात्रो के लिए 1600 मी. तथा छात्राओं के लिए 800 मी. की दौड़ तत्पश्चात परेड व सांस्कृतिक कार्यक्रमों का मूल्यांकन करते हुए स्वयंसेवकों/सेविकाओं का चयन किया जाता है। इस चयन प्रक्रिया में दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय गोरखपुर, सिद्धार्थ विश्वविद्यालय कपिलवस्तु सिद्धार्थनगर तथा महायोगी गोरखनाथ विश्वविद्यालय गोरखपुर से संबद्ध कुल 9 जनपदों के सैकड़ों स्वयंसेवक/ सेविकाओं ने प्रतिभाग किया। जिनमें से कुल 8 स्वयंसेवकों का चयन किया गया तथा चार स्वयंसेवकों को प्रतीक्षा सूची में रखा गया है। यह चयनित स्वयंसेवक/ सेविकाएं, 10 नवंबर से 19 नवंबर 2024 तक बिरला इंस्टीट्यूट पटना बिहार में लगने वाले प्री आर. डी.शिविर में प्रतिभा करेंगे। तत्पश्चात उनका चयन गणतंत्र दिवस परेड के लिए होता है।
इस चयन प्रक्रिया को श्री राजेश तिवारी, युवा कार्यक्रम अधिकारी लखनऊ तथा 44 बटालियन एनसीसी के अधिकारियों के कुशल निर्देशन व मार्गदर्शन में संपन्न किया गया। सम्पूर्ण चयन प्रक्रिया में विश्वविद्यालय तथा संबद्ध महाविद्यालय की बीस से अधिक कार्यक्रम अधिकारी भी उपस्थित रहे जो अपने स्वयंसेवकों का उत्साहवर्धन करते रहे।
ये विद्यार्थी होते हैं प्रतिभाग के लिए अर्ह
* छात्र को रासेयो का स्वयंसेवक होना चाहिए।
* उसने रासेयो सामान्य कार्यक्रम के अन्तर्गत एक वर्ष पूर्ण किया हो तथा एक विशेष शिविर में प्रतिभाग किया हो।
* स्वयंसेवक की आयु (चयन के समय) 16 वर्ष से कम नहीं होना चाहिए।
* स्वयंसेवक की लम्बाई (छात्र 165 से 180 सेमी) (छात्रा- 155 से 170 सेमी) होनी चाहिए।
* 10 मिनट में 1.5 किमी की दौड़ पूरी कर सके।
* 20 मिनट तक निरन्तर मार्च कर सकते हों।
* 25 मीटर की दूरी से कमांड सुन एवं बोल सके।
* वह संवाद / वार्ता में निपुण हो।












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