Edelweiss Mutual Fund की सीईओ राधिका गुप्ता की ये बातें आपके जीवन में भी ला सकती हैं परिवर्तन, जानिए क्या कहा?
DDU UNIVERSITY NEWS GORAKHPUR: दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय में 43वां दीक्षांत समारोह महामहिम कुलाधिपति एवं राज्यपाल उत्तर प्रदेश आनंदी बेन पटेल की अध्यक्षता में संपन्न हुआ। समारोह की मुख्य अतिथि एडलवाइस म्यूचुअल फंड की एमडी और सीईओ राधिका गुप्ता तथा विशिष्ट अतिथि उच्च शिक्षा मंत्री उत्तर प्रदेश सरकार योगेंद्र उपाध्याय एवं उच्च शिक्षा राज्य मंत्री रजनी तिवारी रहीं।
मुख्य अतिथि को डी. लिट की मानद उपाधि
43वें दीक्षांत समारोह में मुख्य अतिथि एडलवाइस म्यूचुअल फंड (Edelweiss Mutual Fund) की एमडी एवं सीईओ राधिका गुप्ता को कुलाधिपति द्वारा डी. लिट की मानद उपाधि (Honorary degree) प्रदान की गई।

मैं उत्तर प्रदेश की बेटी हूं
इस अवसर पर राधिका गुप्ता ने कहा कि
मैं उत्तर प्रदेश की बेटी हूं। यह पहला सम्मान है जिसे देखने मेरे साथ मेरे पापा आए हैं।
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हर तीन साल में क्लास और देश बदला
मेरे पापा भारतीय विदेश सेवा में रहे हैं। हर 3 साल में मैंने क्लास बदली है और देश बदला है।
बात भाषा की नहीं, बात 'बात' की होती है
मैं हिंदी में बोलूंगी। मैंने सिर्फ क्लास तीन तक ही हिंदी पढ़ी है। लेकिन यहां बात भाषा की नहीं होती है बात बात की होती है।

जब मैं इस क्षेत्र की अकेली महिला थी
जब मैं सीईओ बनी तो मैं अकेली महिला थी अपने क्षेत्र में,और 33 वर्ष की थी। तब एक बहुत प्रॉमिनेंट पत्रकार मुझसे कहा कि आपसे तो किसी को कोई उम्मीद हो ही नहीं सकती, क्योंकि आपको तो इस सेक्टर का कोई एक्सपीरियंस ही नहीं है। लेकिन जब हमारी कंपनी की थोड़ी सफल हुई तो तीन-चार साल बाद वही पत्रकार मेरा दोबारा इंटरव्यू करने आया और उसने कहा कि आपको तो कामयाब होना ही था क्योंकि आप सबसे अलग थीं। लोगों से अलग होना डिसएडवांटेज नहीं है। खुद को आईने में आत्मविश्वास से देखिए अपने आईने में खुद को कभी बदसूरत मत देखिए।
यह नहीं तो कुछ और सही, सभी अवसर का करें इस्तेमाल
दूसरी बात जो मैं आपको कहना चाहती हूं। अगर आपको अपने पसंद का अवसर नहीं मिला तो आप निराश ना हो क्योंकि प्लान ए सबको नहीं मिलता। प्लान बी और प्लान सी पर लगन से कार्य करिए। बेहतरीन अवसर की तलाश मत करिए। सभी अवसरों का इस्तेमाल करिए। जैसे कमजोर गेंद का इस्तेमाल करिए और उस पर छक्का मारिए।
*चप्पल घिसना, मेहनत का कोई विकल्प नहीं*
मुख्य अतिथि ने अपने एक रियलिटी शो के एक्सपीरियंस को साझा करते हुए कहा कि उसमें हमें 07:00 से 11:00 बजे तक कार्य करना पड़ता था। जिसकी उन्हें शिकायत थी तब उनके शो के डायरेक्टर ने बताया कि बगल में कौन बनेगा करोड़पति का सेट है जहां पर अमिताभ बच्चन इस उम्र में सुबह 6:00 बजे से देर रात तक पिछले कई दशकों से कार्य कर रहे हैं। तात्पर्य यह है की मेहनत का कोई विकल्प नहीं होता। कड़ी मेहनत से कोई ऐसी वस्तु नहीं है मुकाम नहीं है जो आप हासिल नहीं कर सकते।मैंने सोचा मैं अब अपने कर्मचारियों के लिए, कस्टमर के लिए ज्यादा मेहनत करूंगी। सफलता एक चुनौती है स्वीकार करो, संघर्ष का मैदान छोड़कर मत भागो।

आप सब कृतज्ञ करना सीखिए, कृतज्ञता बहुत अच्छी चीज है जिंदगी में लोगों को थैंक यू कहना सीखें।
*आज का भारत असीमित अवसरों का भारत*
मुख्य अतिथि श्रीमती गुप्ता ने कहा कि हमारे समय उदारीकरण की शुरुआत थी। काफी भ्रम था। लेकिन आज का भारत असीमित अवसरों का भारत है। आप जो कुछ भी करना चाहे वह कर सकते हैं। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज पर जाकर कंपनी लिस्ट कर सकते हैं। आज का उत्तर प्रदेश विकास में अग्रणी राज्यों में है। एक ट्रिलियन अर्थव्यवस्था की ओर अग्रसर है इसका फायदा उठाएं।
आज के भारत में आप बड़े सपने देखिए, हिम्मत से जो अवसर मिल रहे हैं उन्हें पकड़िए। एक नई उड़ान के लिए आप सबको मुबारकबाद।












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