DDU University ने ‘नेचर इंडेक्स' में हासिल की शानदार रैंकिंग, बने ये आधार
DDU University Latest News In Hindi Gorakhpur: दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय फिर एक बार प्रसिद्ध 'नेचर इंडेक्स' रैंकिंग में महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल हुई है। यह रैंकिंग प्राकृतिक विज्ञानों में उच्च गुणवत्ता वाले शोध कार्यों को मापने के लिए एक प्रतिष्ठित वैश्विक मानक माना जाता है।
*1 नवंबर 2023 से 31 अक्टूबर 2024 की अवधि के लिए जारी रैंकिंग*
प्रसिद्ध 'नेचर इंडेक्स' रैंकिंग द्वारा 1 नवंबर 2023 से 31 अक्टूबर 2024 की अवधि के लिए जारी रैंकिंग में गोरखपुर विश्वविद्यालय ने भारत के शीर्ष 100 HEIs में स्थान प्राप्त किया है। इस वर्ष की रैंकिंग अवधि में, विश्वविद्यालय के शिक्षाविदों द्वारा नेचर इंडेक्स जर्नल में कुल 3 शोध पत्र प्रकाशित किए गए - दो रसायन विज्ञान और एक भौतिकी विज्ञान में।

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इस रैंकिंग में भारत वैश्विक स्तर पर 9वें स्थान और एशिया-प्रशांत क्षेत्र में 4वें स्थान पर है। भारत के 354 उच्च शिक्षण संस्थानों में से गोरखपुर विश्वविद्यालय शीर्ष 100 उच्च शिक्षण संस्थानों में शामिल है और उत्तर प्रदेश के राज्य विश्वविद्यालयों में प्रथम स्थान पर है।
गोरखपुर विश्वविद्यालय की नेचर इंडेक्स रैंकिंग (1 नवंबर 2023 - 31 अक्टूबर 2024)
*कुल रैंकिंग:*
•364 उच्च शिक्षण संस्थानों (161 विश्वविद्यालयों सहित) में, गोरखपुर विश्वविद्यालय को समग्र रूप से 100वां और विश्वविद्यालयों में 34वां स्थान प्राप्त हुआ।
*रसायन विज्ञान श्रेणी:*
•156 उच्च शिक्षण संस्थानों (99 विश्वविद्यालयों सहित) में, गोरखपुर विश्वविद्यालय को कुल 79वां और विश्वविद्यालयों में 30वां स्थान मिला।
*प्राकृतिक विज्ञान जर्नल समूह:*
•285 उच्च शिक्षण संस्थानों (153 विश्वविद्यालयों सहित) में, गोरखपुर विश्वविद्यालय को कुल 102वां और विश्वविद्यालयों में 34वां स्थान प्राप्त हुआ।
*भौतिकी विज्ञान जर्नल समूह:*
•151 उच्च शिक्षण संस्थानों (93 विश्वविद्यालयों सहित) में, गोरखपुर विश्वविद्यालय को कुल 93वां और विश्वविद्यालयों में 45वां स्थान मिला।
कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल के कुशल मार्गदर्शन और कुलपति प्रो. पूनम टंडन के नेतृत्व में विश्वविद्यालय ने शोध और अकादमिक उत्कृष्टता के क्षेत्र में अभूतपूर्व उपलब्धियां हासिल की हैं। विश्वविद्यालय ने अनुसंधान प्रकाशनों में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की है। 2020 में 98 स्कोपस-सूचीबद्ध शोध पत्रों की तुलना में 2023-2024 में यह संख्या 450 से अधिक हो गई है, जो शोध संस्कृति की जबरदस्त प्रगति को दर्शाता है।
पिछले शैक्षणिक सत्र में विश्वविद्यालय ने 40 से अधिक पेटेंट फाइल किए हैं और आगामी महीनों में 50 अतिरिक्त पेटेंट एवं कॉपीराइट फाइल करने की योजना बना रहा है, जिससे नवाचार और बौद्धिक संपदा विकास में इसकी प्रतिबद्धता स्पष्ट होती है।
इसके अलावा, Scimago वर्ल्ड रैंकिंग, QS वर्ल्ड यूनिवर्सिटी एशिया रैंकिंग, वेबोमेट्रिक्स रैंकिंग और NAAC A++ प्रत्यायन में भी विश्वविद्यालय ने महत्वपूर्ण स्थान प्राप्त किया है।
कुलपति प्रो. पूनम टंडन ने विश्वविद्यालय की इन उपलब्धियों पर गर्व व्यक्त करते हुए माननीया कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल के प्रति अपनी गहरी कृतज्ञता प्रकट की। उन्होंने कहा, "यह सफलता हमारे संकाय सदस्यों, शोधकर्ताओं और छात्रों की कठोर परिश्रम और समर्पण का परिणाम है। माननीया कुलाधिपति श्रीमती आनंदीबेन पटेल जी के प्रेरणादायक नेतृत्व और सतत मार्गदर्शन ने हमें अनुसंधान संस्कृति को मजबूत करने के लिए प्रेरित किया है। उनका प्रोत्साहन हमें राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्टता प्राप्त करने के लिए सतत प्रयासरत रहने की ऊर्जा देता है।"












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