गोरखपुर: बाघ दिवस पर प्रकृति के इस खास तोहफे का दीदार कर सकेंगे पर्यटक
गोरखपुर चिड़ियाघर घूमने आ रहे पर्यटकों के लिए अच्छी खबर है।शहीद अशफाक उल्ला खां प्राणी उद्यान ने बाघ दिवस यानी 29 जुलाई को लेकर खास योजना बनाई है। इस दिन पर्यटक प्रकृति के खूर्षर्सूरत तोहफे सफेद बाघिन गीता का दीदार कर सक
गोरखपुर चिड़ियाघर घूमने आ रहे पर्यटकों के लिए अच्छी खबर है।शहीद अशफाक उल्ला खां प्राणी उद्यान ने बाघ दिवस यानी 29 जुलाई को लेकर खास योजना बनाई है। इस दिन पर्यटक प्रकृति के खूर्षर्सूरत तोहफे सफेद बाघिन गीता का दीदार कर सकेंगे। सफेद बाघों की संख्या भारत में बहुत कम है।ऐसे में गोरखपुर व आस-पास के लोगों के लिए एक आकर्षण का प्रमुख केंद्र रहेगा।इसके साथ ही प्राणी उद्यान में प्रदेश के राजकीय पक्षी सारस के लिए 25 लाख से बाड़ा बनेगा। रेस्क्यू किए गए सारस को चिड़ियाघर में रखा जाएगा।

29 जुलाई को कर सकेंगे सफेेद बाघ का दीदार
विश्व बाघ दिवस पर प्राणी उद्यान में पयर्टक 7 वर्षीय सफेद बाघिन गीता का दीदार कर सकेंगे।20 जून को लखनऊ प्राणी उद्यान से गोरखपुर आई गीता फिलहाल प्राणी उद्यान के अस्पताल एरिया में क्वारंटीन है। 28 जुलाई को रात तक उसे सामान्य बाघ अमर और मादा बाघिन मैलानी के बाड़ा में शिफ्ट किया जाएगा ताकि 29 को पयर्टक उसका दीदार कर सके।
ऐसे होेता है इनका सफेद रंग
सफ़ेद बाघ को बर्फ-सा सफ़ेद या "शुद्ध सफे़द" कहते हैं। सफ़ेद बाघ विवर्ण नहीं होते हैं और इनकी कोई अलग उप-प्रजाति नहीं है और इनका संयोग नारंगी रंग के बाघों के साथ हो सकता है।जन्म ग्रहण करने वाले शावकों में से आधे शावक प्रतिसारी सफ़ेद पित्रैक की वजह से विषमयुग्मजी हो सकते हैं और इनके रोएं नारंगी रंग के हो सकते हैं। इसमें एकमात्र अपवाद तभी संभव है जब खुद नारंगी रंग वाले माता-पिता पहले से ही एक विषमयुग्मजी बाघ हो, जिससे प्रत्येक शावक को या तो दोहरा प्रतिसारी सफ़ेद या विषमयुग्मजी नारंगी रंग के होने का 50 प्रतिशत अवसर मिलेगा। अगर दो विषमयुग्मजी बाघों या विषमयुग्मजों का संयोग होता है तो उनसे जन्मे शावकों में से 25 प्रतिशत शावक सफ़ेद, 50 प्रतिशत विषमयुग्मजी नारंगी (सफ़ेद पित्रैक वाहक) और 25 प्रतिशत सफ़ेद पित्रैक विहीन समयुग्मजी नारंगी रंग के होंगे।
सारस के लिए बनेगा बाड़ा
प्राणी उद्यान के निदेशक डॉ एच राजा मोहन ने बताया कि प्राणी उद्यान में प्रदेश के राजकीय पक्षी सारस के लिए 25 लाख से बाड़ा बनेगा। रेस्क्यू किए गए सारस को चिड़ियाघर में रखा जाएगा। इसके अलावा 25 लाख रुपये की लागत से इंटरपटेशन सेंटर के विकास को भी मंजूरी मिली, जहां अन्य कार्यो के साथ स्टफ वाइल्ड एनिमल म्यूजियम का निर्माण किया जाएगा।












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