मृतक प्रॉपर्टी डीलर की बहन ने बयां की पुलिसकर्मियों की बेरहमी, सपा ने कहा- ठोक दो नीति से हुई निर्दोष की हत्या
गोरखपुर, 29 सितंबर। उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में कानपुर के प्रॉपर्टी डीलर 36 वर्षीय मनीष कुमार गुप्ता की पुलिस की पिटाई से हुई मौत के मामले में महकमे की कार्यशैली पर सवाल उठ रहे हैं। होटल में घुसकर पुलिसकर्मियों ने मनीष कुमार गुप्ता को इतनी बेरहमी से मारा कि उनकी जान चली गई। इस मामले में छह पुलिसकर्मियों को सस्पेंड किया गया है। पुलिस ने तीन पुलकर्मियों के खिलाफ केस भी दर्ज किया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मृतक के परिवार को दस लाख की आर्थिक मदद देने के साथ-साथ निष्पक्ष जांच का भरोसा दिया है। मृतक मनीष कुमार गुप्ता की बहन निशा का कहना है कि पुलिसकर्मियों ने राइफल के बट से उनके भाई के सिर पर मारा। मृतक के सिर का एक तरफ का हिस्सा धंस गया था।

बहन ने कहा- भाई ही परिवार का इकलौता कमाने वाला था
मनीष कुमार गुप्ता की मौत के बाद उनके परिवार पर जैसे कहर टूट पड़ा है। बहन निशा का कहना है कि भाई इकलौता कमाने वाला था। उनकी कमाई से ही परिवार का खर्च चलता था। भाई की शादी सात साल पहले हुई थी और उनका पांच साल का एक बेटा है। निशा ने बताया कि पुलिसकर्मियों ने उसके भाई को राइफल के बट से इतना मारा कि उनका सिर एक तरफ से धंस गया था। नाक और मुंह से खून बह रहा था। हाथ का मांस कटकर निकला हुआ था।
पत्नी ने कहा- दोषियों को मिले सख्त सजा
मनीष कुमार गुप्ता की पत्नी मीनाक्षी न्याय चाहती हैं। उन्होंने कहा कि जिन्होंने भी उनके पति को मारा है, उनको सख्त से सख्त सजा मिले। समाजवादी पार्टी ने एक वीडियो ट्वीट किया है जिसमें मीनाक्षी फूट-फूटकर रोते हुए न्याय दिलाने की गुहार लगा रही है। इस वीडियो में मीनाक्षी कह रही हैं कि होटलवालों ने खून साफ करा दिया जबकि उनके पति खून से लथपथ थे। वीडियो ट्वीट करते हुए समाजावादी पार्टी ने लिखा कि - मुख्यमंत्री जी आपकी 'ठोक दो' नीति पर चलते हुए आपके गृह जनपद गोरखपुर में पुलिस ने कानपुर के निर्दोष व्यापारी मनीष गुप्ता की हत्या कर एक बच्चे के सिर से पिता का साया और एक पत्नी का सुहाग उजाड़ दिया। मृतक के परिवार के साथ हो इंसाफ।
अधिकारियों पर आरोप कि उन्होंने परिवार पर डाला दबाव
मनीष कुमार गुप्ता के परिवार का आरोप है कि पुलिस अधिकारियों ने परिवार पर केस वापस लेने के लिए दबाव डाला। परिवार का कहना है कि पुलिस अधिकारियों ने निलंबित हुए छह पुलिसकर्मियों का पक्ष लेते हुए कहा कि वे ड्यूटी कर रहे थे इसलिए उन पर केस नहीं हो पाएगा। साथ ही यह भी कहा कि केस वापस ले लो, उन छह पुलिसकर्मियों के घर को बर्बाद मत करो। हलांकि एसएसपी विपिन ताडा ने कहा कि परिजनों की शिकायत पर तीन पुलिसकर्मियों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। इस मामले में निष्पक्ष तरीके से जांच की जा रही है।












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