Gorakhpur News: नए साल पर पीएम मोदी गोरखपुरवासियों को दे सकते हैं बायोगैस प्लांट का तोहफा
नए साल पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी गोरखपुरवासियों को बायोगैस प्लांट की सौगात दे सकते हैं।इसे लेकर तैयरियां तेज हैं।इंडियन ऑयल कारपोरेशन लिमिटेड गोरखपुर के धुरियापार में 160 करोड़ रुपये से बायोगैस प्लांट लगा रहा है।इसका
गोरखपुर,1 सितंबर: नए साल पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी गोरखपुरवासियों को बायोगैस प्लांट की सौगात दे सकते हैं।इसे लेकर तैयरियां तेज हैं।इंडियन ऑयल कारपोरेशन लिमिटेड गोरखपुर के धुरियापार में 160 करोड़ रुपये से बायोगैस प्लांट लगा रहा है।इसका निर्माण कार्य दिसंबर 2022 तक पूरा होगा। इसका शिलान्यास मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ व केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने 18 सितंबर 2019 को किया था।

धुरियापार के कंप्रेस्ड बायोगैस (सीबीजी) प्लांट निर्माण का कार्य तेजी से चल रहा है। मार्च 2023 तक उत्पादन शुरू हो जाएगा। प्रतिदिन 230 टन कचरे से 28 टन बायोगैस बनाई जाएगी। गोरखपुर और इसके आसपास की चीनी मिलों को प्लांट से जोड़ा गया है। आसपास के ग्रामीण व किसानों से गोबर और पुआल खरीदा जाएगा। इससे किसानों की आमदनी बढ़ेगी। गोबर व पुआल का सही इस्तेमाल किया जा सकेगा। अभी पुआल को खेतों में जला दिया जाता है, जिससे प्रदूषण फैलता है।
सीबीजी को आम जनता तक पहुंचाने के लिए पंप खोले जाएंगे। पंपों को सीएनजी स्टेशन ही बोला जाएगा। आईओसी ने पंप लगाने का खाका तैयार कर लिया है। गोरखपुर में छह, बस्ती, कुशीनगर और सिद्धार्थनगर में एक-एक पंप खोले जा रहे हैं। धुरियापार में बनने वाली सीबीजी कंप्रेस्ड नेचुरल गैस (सीएनजी) से सस्ती होगी।बायोगैस बनने के बाद जो खाद निकलेगी, उसे किसान प्लांट से सीधे खरीद सकेंगे। इसकी कीमत सामान्य रहेगी। किसान खाद खरीदकर खेतों में डाल सकेंगे। इससे मिट्टी की उर्वरा शक्ति बेहतर होगी। फसलों की पैदावार बढ़ेगी।
उत्तर प्रदेश राज्य कार्यालय एक के कार्यकारी निदेशक संजीव कक्कड़ ने बताया कि आईओसीएल कंप्रेस्ड बायोगैस प्लांट दिसंबर तक बन जाएगा, फिर परीक्षण होगा। मार्च 2023 से बायोगैस का उत्पादन शुरू हो जाएगा। उत्पादन व बिक्री की व्यवस्था बना ली गई है। बायोगैस को इंडि ग्रीन नाम दिया गया है।












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