PMJAY: पीएम मोदी की नई पहल,अब इन रेलवे अस्पतालों में भी मिलेगा जन आरोग्य योजना का लाभ
मोदी सरकार ने गरीबों को इलाज में सुविधा देते हुए बड़ी योजना की शुरुआत की है।अब रेलवे अस्पतालों में भी आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के कार्डधारक भी रेलकर्मियों की भांति रेलवे अस्पतालों में मुफ्त इलाज करा सके
गोरखपुर,13सितंबर: मोदी सरकार ने गरीबों को इलाज में सुविधा देते हुए बड़ी योजना की शुरुआत की है।अब रेलवे अस्पतालों में भी आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के कार्डधारक भी रेलकर्मियों की भांति रेलवे अस्पतालों में मुफ्त इलाज करा सकेंगे। भारतीय रेल के 91 अस्पतालों को योजना से जोड़ने के लिए रेल मंत्रालय और नेशनल हेल्थ अथारटी ने पांच सितंबर को मेमोरेंडम आफ अंडरस्टैंडिंग पर संयुक्त हस्ताक्षर कर दिया है। पूर्वोत्तर रेलवे के गोरखपुर, वाराणसी, इज्जतनगर, गोंडा और लखनऊ के अस्पताल शामिल हैं।आयुष्मान भारत योजना के को अब प्रधान मंत्री जन आरोग्य योजना के नाम से जाना जाता है।

सीपीआरओ पंकज कुमार सिंह ने बताया कि रेलवे अस्पतालों में भी आयुष्मान भारत- प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के अंतर्गत चिकित्सा सुविधा प्रदान करने के लिए रेल मंत्रालय और नेशनल हेल्थ ऑथोरिटी के मध्य सहमति बनी है। इस नई व्यवस्था के लागू होने पर आमजन को अतिरिक्त चिकित्सा सुविधा मिलेगी।
आल इंडिया रेलवे मेंस फेडरेशन (एआइआरएफ) के सहायक मंत्री और एनई रेलवे मजदूर यूनियन (नरमू) के महामंत्री केएल गुप्ता ने रेल मंत्रालय की इस पहल का स्वागत किया है। उनका कहना है कि इस व्यवस्था से रेलकर्मियों के साथ आमजन उपचार का लाभ उठा सकेंगे।
पूर्वोत्तर रेलवे के इन अस्पतालों में मिलेगी सुविधा
एलएनएम केंद्रीय हास्पिटल - गोरखपुर
मंडलीय हास्पिटल - वाराणसी
मंडलीय हास्पिटल- बादशाहनगर (लखनऊ)
मंडलीय हास्पिटल- इज्जतनगर
उप मंडलीय हास्पिटल- गोंडा।
आयुष्मान भारत योजना के को अब प्रधान मंत्री जन आरोग्य योजना के नाम से जाना जाता है। इसके तहत आम लोगों के मुफ्त में इलाज उपलब्ध करवाया जाता है। इस योजना से अभी तक देश के 10 करोड़ परिवार और 50 करोड़ लोग सीधे रूप से जुड़े हुए हैं।
प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (पीएमजेएवाई)
इस योजना के तहत प्रति वर्ष प्रत्येक परिवार को 5 लाख रुपये के स्वास्थ्य बीमा की कल्पना की गई है, इससे 50 करोड़ से अधिक लोगों को फायदा होगा, और यह दुनिया की सबसे बड़ी स्वास्थ्य बीमा योजना है।
आयुष्मान भारत के पहले हिस्से - स्वास्थ्य और कल्याण केंद्र-की शुरूआत बाबा साहेब अम्बेडकर की जयंती पर किया गया था, और दूसरा भाग - स्वास्थ्य बीमा योजना-दीन दयाल उपाध्याय की जयंती से दो दिन पहले शुरू किया गया था।
पीएमजेएवाई की व्यापकता के बारे में विस्तार से बताते हुए,प्रधानमंत्री ने कहा कि इसमें कैंसर और हृदय रोग जैसी गंभीर बीमारियों सहित 1300 बीमारियां शामिल हैं। निजी अस्पताल भी इस योजना का हिस्सा होंगे।
इस योजना में 5 लाख की राशि में सभी जांच, दवा, अस्पताल में भर्ती के खर्च आदि भी शामिल होंगे।
इसके तहत यह पूर्व बीमारियों भी आएंगी। लोग 14555 डायल करके या सेवा केंद्र के माध्यम से इस योजना के बारे में अधिक जान सकते हैं।
उन राज्यों के लिए जो पीएमजेएवाई का हिस्सा हैं, लोग इन राज्यों में से किसी भी राज्य में जा रहे हैं, तो भी इस योजना का लाभ प्राप्त कर सकते हैं।
देश भर में 13,000 से ज्यादा अस्पताल इस योजना में शामिल किए गए हैं।
प्रधानमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि पीएमजेएवाई से जुड़े सभी लोगों के प्रयासों और डॉक्टरों, नर्सों, स्वास्थ्य प्रदाताओं, आशा, एएनएम आदि के समर्पण के माध्यम से, यह योजना सफल होगी।
आयुष्मान योजना के लिए पंजीकरण
लाभार्थियों को कार्ड भी दिए गए जाएंगे जिसमें क्यूआर कोड है।
2.50 लाख से ज्यादा कॉमन सर्विस सेंटर हैं देश भर में योजना की जानकारी के लिए।
अगर योजना में जिन परिवारों का नाम नहीं है वे कॉमन सर्विस सेंटर पर पता कर सकते हैं।
हेल्पलाइन नंबर 14555 से भी योजना से जुड़ी जानकारी प्राप्त की जा सकती हैं।
पंचायत और जिला मुख्यालय में भी योजना से जुड़े लाभार्थियों की सूची भेजी गई हैं।
आशा कर्मियों के पास भी योजना में शामिल लोगों की सूची भेजी गई है।
नेशनल हेल्थ एजेंसी ने 14,000 आरोग्य मित्रों को अस्पतालों में तैनात किया गया है।












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