Nag Panchami 2023: गोरखनाथ मंदिर में नाग पंचमी के दिन वर्षों से चली आ रही यह परंपरा
Gorakhpur News: सावन माह की शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को नाग पंचमी का त्यौहार मनाया जाता है। सोमवार को यह पर्व मनाया जाएगा। इस दिन नाग देवता को दूध और लावा चढ़ाने की परंपरा है। गोरखपुर स्थित नाथ संप्रदाय के विश्व प्रसिद्ध मंदिर गोरखनाथ और नाग पंचमी पर्व का विशेष संबंध हैं। गुरु गोरक्षनाथ को शिव अवतारी कहा जाता है। जब से यह मंदिर है तब से यहां नाग पंचमी को विशेष पूजा अर्चना करने का विधान चला आ रहा है। इतना ही नहीं इस दिन को खास बनाने के लिए गोरक्षपीठ कई कार्यक्रम भी करता है।
प्राचीन समय से ही चली आ रही परंपरा
मंदिर के पुजारी योगी कमलनाथ ने बताया कि जब से यह पीठ है तब से यहां नाग पंचमी के दिन विशेष पूजा की जाती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार नाग पंचमी पर नाग देवता की पूजा-उपासना करने पर नाग देवता के साथ ही भगवान शिव भी बहुत प्रसन्न होेते हैं। शिव व शक्ति की आराधना का यह मंदिर प्रसिद्ध केंद्र हैं। यहां कई वर्षों से नाग पंचमी के दिन खेलों का आयोजन किया जाता है। इस पीठ द्वारा नाग पंचमी के दिन स्थानीय प्रतिभाओं को उभारने और उन्हे एक मंच प्रदान करने का काम किया जाता है।

नाग पंचमी के दिन विशेष कार्यक्रमों का आयोजन
मंदिर से जुड़े ब्रृजेश मणि मिश्र बताते हैं कि जहां तक मुझे ध्यान आ रहा है जब ब्रम्हलीन महंत दिग्विजय नाथ जी थे तब भी यहां नाग पंचमी के दिन विशेष कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता था। इस दिन खेल व खिलाड़ियों का सम्मान किया जाता है। खासकर कुश्ती खेल का विशेष आयेाजन होता है। हालांकि यह परंपरा इनसे पूर्व से चली आ रही है।
संस्कृति और सभ्यता को बढ़वा
गोरखनाथ मंदिर के मीडिया प्रभारी विनय गौतम बताते हैं कि गोरखनाथ मंदिर संस्कृति और सभ्यता को बढ़वा देने के साथ ही उनका संरक्षण भी करता है। त्यौहार हमारी सभ्यता व संस्कृति के द्योतक हैं। नाग पंचमी के दिन कुश्ती मंदिर में कुश्ती कराने की परंपरा बहुत पुरानी है। जो आज भी चली आ रही है और आगे भी जारी रहेगी।












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