Gorakhpur:12 साल तक चला दूध में पानी मिलाने मामला,अब जाकर मिली ग्वाले को यह सजा
गोरखपुर के बांसगांव सिविल कोर्ट ने दूध में पानी मिलाने के मामले में 12 साल बाद सजा सुनाई है। इसमें ग्वाले को एक साल की जेल व दो हजार का जुर्माना लगाया गया है।

Gorakhpur News: दूध में पानी मिलाने वाले गोरखपुर के इकौना के सभाजीत यादव ने यह सोचा भी नहीं होगा कि उन्हें 12साल बाद इस मामले में सजा होगी। 2010 में इस मामले की सुनवाई शुरु हुई। मुकदमा 12 साल तक चला।अंत में कोर्ट ने सभाजीत को एक साल की सजा व दो हजार का जुर्माना किया है।
बेलघाट के एकौना बुजुर्ग के रहने वाले सभाजीत यादव दूध देने का काम करते हैं। वर्ष 2010 में तत्कालीन खाद्य सुरक्षा निरीक्षक चंद्रभानु ने जांच अभियान पर थे। 24 फरवरी 2010 को वह सिकरीगंज तिराहे पर थे उसी समय वहां से दूध लेकर सभाजीत यादव जा रहे थे। चंद्रभानु ने सभाजीत को रोककर दूध का नमूना लिया जिसे जांच के लिए प्रयोगशाला भेज दिया। रिपोर्ट में नमूना फेल हो गया और इसमें पानी होने की पुष्टि हुई। इसके बाद खाद्य सुरक्षा विभाग ने बांसगांव सिविल जज जूनियर डिवीजन के यहां वाद दाखिल कर दिया। इसी मामले में बांसगांव सिविल कोर्ट ने सभाजीत को एक साल जेल की सजा सुनाई है।
गोरखपुर में खाद्य सुरक्षा विभाग की कार्रवाई लगातार जारी है। नवंबर माह में जांच नमूने फेल पाए जाने पर विभाग की तरफ से 35 खाद्य कारोबारियों पर चार लाख का जुर्माना लगाया गया है।












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