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Wheat Cultivation News: इन बातों का रखें ध्यान,गेहूं की होगी अच्छी पैदावार

गेहूं उत्तर प्रदेश की प्रमुख फसल है। कृषि क्षेत्र के अधिकांश हिस्सों में इसकी खेती जाती है। वर्तमान समय में गेहूं की बुआई की जा रही है। बुआई करते समय किसान के मन में अच्छी पैदावार की बात जरुर आती है और वह उन्न्त बीजों क

Wheat Cultivation News: गेहूं उत्तर प्रदेश की प्रमुख फसल है। कृषि क्षेत्र के अधिकांश हिस्सों में इसकी खेती जाती है। वर्तमान समय में गेहूं की बुआई की जा रही है। बुआई करते समय किसान के मन में अच्छी पैदावार की बात जरुर आती है और वह उन्न्त बीजों का ही प्रयोग करता है। कृषि वैज्ञानिकों की सलाह पर बुआई करते समय कुछ बातों का ध्यान रख कर गेहूं की उत्पादन क्षमता को बढ़ाया जा सकता है। आचार्य नरेंद्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय कुमारगंज अयोध्या द्वारा संचालित कृषि विज्ञान केंद्र बेलीपार गोरखपुर के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं अध्यक्ष डॉक्टर एस के तोमर ने गेहूं की बुआई से संबंधित कई महत्वपूर्ण बिन्दुओं पर चर्चा की।

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यह अपनाएं उपाय कृषि वैज्ञानिक सतीश तोमर ने बताया कि किसानों को गेहूं की अच्छी पैदावार के लिए चिंतित होने की आवश्यकता नहीं है। किसान कुछ उपायों पर अमल करें तो गेहूं की अधिक पैदावार प्राप्त कर सकते हैं । जिसमें बिना पैसे वाला उपाय है गेहूं की अगेती बुवाई। विगत 5 वर्षों से बुवाई के ऊपर किए गए अनुसंधान में पाया गया है कि अगर किसान अगर गेहूं की बुवाई नवंबर के प्रथम पखवाड़े में करता है यानी 1 नवंबर से 15 नवंबर के बीच करता है तो पैदावार में चार से पांच कुंतल प्रति हेक्टेयर की बढ़ोतरी होती है। हालांकि इस बार बारिश लेट होने से अधिकांश जगहों पर गेहूं की बुआई नहीं की गयी है।

ऐसे तैयार करें खेत जिन किसानों के खेत तैयार हैं वह तुरंत गेहूं की बुवाई करें जिन किसान भाइयों के धान की कटाई हुई है वह इसी नमी पर जीरो , टिल तकनीक, सुपर सीडर या हैप्पी सीडर का प्रयोग कर बिना खेत की तैयारी किए बुआई कर सकते हैं। इससे खेत की तैयारी में लगने वाले समय की बचत होती है । कुछ समस्या किसानों के सामने कम्बाइन कटाई में पुआल के ढेर लगाने से मशीन द्वारा बुआई करने में समस्या आती है । ऐसे किसान अपने खेत में पहले मल्चर मशीन का प्रयोग कर फिर जीरो टिल मशीन , हैप्पी सीडर या सुपर सीडर से बुआई करें तो उनकी यह पराली खाद बनकर फसल के काम आएगी और आपको पराली जलाने की समस्या से निजात मिलेगी ।

इन प्रजातियों का करें चुनाव अच्छी पैदावार के लिए गेहूं की उन्नत प्रजातियों का चयन करें जिसमें प्रमुख रुप से एचडी 3226 डई बी डब्ल्यू 187, डई बी डब्ल्यू 252 डई बी डब्ल्यू 222 तथा एचडी 2967 । इन प्रजातियों की अच्छी पैदावार के लिए किसान सुपर सीडर से बुवाई करें तथा बुवाई से पहले खेत में 45 किलोग्राम यूरिया प्रति एकड़ की दर से बिखेर दें और फिर सुपर सीडर में 50 किलोग्राम डाई तथा 40 किलोग्राम पोटाश डालकर प्रति एकड़ की दर से बुआई करें । प्रति एकड़ 40 किलोग्राम बीज जिसमें 85% अंकुरण क्षमता हो की बुआई करें । बुआई से पूर्व बीज को बाविष्टिन नाम की दवा 2.5 ग्राम प्रति किलोग्राम से शोधित करें । गेहूं की फसल में पूरी फसल के दौरान कुल 110 किलोग्राम यूरिया देना होता है ।इस यूरिया को तीन बार में पहली सिंचाई के बाद दूसरी सिंचाई के बाद वह बाली निकलने के पहले खेत में दें । किसी भी दशा में किसान पराली न जलाएं ।यह आपके,आपकी जमीन व देश हित में है ।

इस संबंध में कोई जानकारी चाहिए तो कृषि विज्ञान केंद्र बेलीपार गोरखपुर के अध्यक्ष डॉक्टर एस के तोमर के से इस नंबर पर 6393 391301 संपर्क करें ।

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