Gorakhpur के डॉक्टरों की जापानी इंसेफेलाइटिस के नये वेरिएंट ने बढ़ाई चिंता, जानिए क्या हैं इसके लक्षण
गोरखपुर के बीआरडी मेडिकल कॉलेज में कुछ ऐसे मरीज मिले हैं जिनमें इंसेफेलाइटिक के कोई लक्षण न होने के बाद भी इसकी पुष्टि हुई है।

Gorakhpur News: इन दिनों गोरखपुर में जापानी इंसेफेलाइटिस का नया वेरिएंट डॉक्टर व मरीजों के लिए चिंता बना हुआ है। मरीजों में लक्षण नहीं मिल रहे है। जिससे इसकी पहचान करना मुश्किल हो गया है। जिले में 9 ऐसे मरीज मिले हैं जिनमें लक्षण न होने पर भी जेई निकला।
एसीएमओ डॉक्टर एके चौधरी ने बताया जापानी इंसेफेलाइटिक के नए मरीजों ने चिंता बढ़ा दी है। मरीजों में झटका आने की शिकायत मिल रही है। मरीज जिला अस्पताल व मेडिकल कॉलेज आ रहे हैं। इन मरीजों का जेई जांच की गयी है। रिपोर्ट पॉजिटिव आया है। नौ मरीजों में आठ स्वस्थ्य हो चुके हैं जबकि एक का इलाज चल रहा है।
मरीजों की बात करें तो मझघाट रहने वाले पांच वर्षीय बच्चे को अचनाक झटका आने लगा। उसे बीआरडी मेडिकल कॉलेज लाया गया। इस बच्चे को न तो बुखार था न ही जेई के कोई लक्षण लेकिन जांच में जेई की पुष्टि हुई। इसी तरह एक अन्य मामले में कुसम्ही के 10 साल के बच्चे और फुलवरिया की एक साल की मासूम में भी जेई के कोई भी लक्षण न होने के बाद भी उनमें इसकी पुष्टि हुई है।
सीएमओ डॉक्टर आशुतोष कुमार दूबे ने बताया कि जेई और एईएस के मरीजों की जांच की जा रही है। संचारी रोग अभियान के तहत तेज बुखार वाले मरीजों की तलाश भी की जाएगी। इस बिमारी को लेकर स्वास्थ्य विभाग को सतर्क कर दिया गया है।
बीआरडी मेडिकल कॉलेज के माइक्रोबायोलॉजी विभागाध्यक्ष डॉ. अमरेश सिंह ने बताया कि जेई और एईएस के मरीजों में सामान्यत: तेज बुखार रहता है। अगर लक्षण नहीं है तो यह ज्यादा खतरनाक हो सकता है। तेज बुखार आना, गर्दन में अकड़न, सिर में दर्द, ठंड के साथ कंपकपी, कभी-कभी मरीज कोमा में चला जाना इसके लक्षण हैं।
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