Gorakhpur municipal election result 2023: सीएम सिटी गोरखपुर में धीमी रही साइकिल की रफ़्तार, 17 सीटों पर सिमटी
गोरखपुर नगर निगम में 17 सीटों पर सिमटी सपा

उत्तर प्रदेश निकाय चुनाव में गोरखपुर नगर निगम सीट पर भाजपा मेयर प्रत्याशी डॉक्टर मंगलेश श्रीवास्तव ने जीत दर्ज की है। वही सपा प्रत्याशी काजल निषाद दूसरे नम्बर पर थी। सपा के 17 पार्षद प्रत्याशियों ने इस चुनाव में जीत दर्ज की है। पिछले बार की अपेक्षा सपा को कम सीटें मिली है।
आंकड़ो पर नजर डाले तो सपा को पिछले नगर निकाय चुनाव में गोरखपुर की 70 सीटों के मुकाबले 18 सीटों पर कब्जा था। इस बार 10 वार्ड बढ़ने के बाद भी सपा को 17 सीटें मिली है। वर्ष 2012 के निकाय चुनाव को छोड़ दिया जाय तो समाजवादी पार्टी 21 सीट से कभी आगे नहीं बढ़ पाई।
2012 के चुनाव में समाजवादी पार्टी ने पार्षद प्रत्याशियों को सिंबल न देकर बाहर से समर्थन किया था। बिना सिंबल के चुनाव लड़े प्रत्याशियों ने अधिक सीट पर कब्जा जमाया। वर्ष 1995 के निकाय चुनाव से अपना दमखम दिखा रही समाजवादी पार्टी पहली बार 60 सीटों के मुकाबले दस सीटों पर जीत हासिल की थी।
वर्ष 2000 के चुनाव में कार्यकर्ताओं के उत्साह का असर दिखा और 16 सीटों पर पार्टी ने परचम लहराया। 2006 के चुनाव में 21 सीटों पर कब्जा जमाया था। समाजवादी पार्टी वर्ष 2012 को छोड़ सभी निकाय चुनाव सिंबल पर ही लड़ी है।
नामांकन के दिन तक प्रत्याशियों के नाम की घोषणा न कर पाना एक कारणों में माना जा रहा है। नामांकन के अंतिम समय तक आवेदनकर्ताओं और कार्यकर्ताओं में भ्रम और संशय की स्थिति बनी रही। कुछ घोषित प्रत्याशी और उनके साथ वाले कार्यकर्ता छिटक गए।
विधान सभा चुनाव में जिलाध्यक्ष और महानगर अध्यक्ष के पद निवर्तमान पदाधिकारी संभाल रहे थे। विधान सभा चुनाव बाद पार्टी हाईकमान ने नया जिलाध्यक्ष तैनात कर दिया, लेकिन जिस महानगर में निकाय चुनाव की मुख्य लड़ाई लड़ी जानी थी, वहां की जिम्मेदारी भी निवर्तमान अध्यक्ष के कंधों पर थी। गोरखपुर नगर निगम की मेयर सीट पर सपा ने कभी जीत दर्ज नहीं की है।












Click it and Unblock the Notifications