Ravi Kishan ने संसद में ट्रेनों के ठहराव का उठाया मुद्दा,कहा-जनहित में है जरुरी
गोरखपुर के सांसद रवि किशन शुक्ला ने बुधवार को संसद में ट्रेनों के ठहराव व नशीली दवाओं से संबंधित मुद्दा उठाया। कारोना काल में जिन स्टेशनों पर ट्रेनों का ठहराव निरस्त किया गया था।

Gorakhpur News: गोरखपुर के सांसद रवि किशन ने बुधवार को संसद में गोरखपुर व आस-पास के कई स्टेशनों पर कुछ आवश्यक ट्रेनों के ठहराव की मांग की। इन ट्रेनों का ठहराव कोरोना काल में निरस्त कर दिया गया था। जिसके दोबारा ठहराव के लिए सांसद रवि किशन ने मांग की है। सांसद ने यह मांग नियम 377 के तहत की।
भारतीय रेलवे देश की जीवन रेखा
सांसद रवि किशन ने कहा कि भारतीय रेलवे देश की जीवन रेखा है, जिससे करोड़ों यात्री प्रतिदिन यात्रा करते हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारतीय रेल का चैमुखी विकास हो रहा है, जिससे यात्रीयों को काफी सुविधा महसूस हो रही है। आज यात्रियों को वर्ल्ड क्लास रेल यात्रा की अनुभूति हो रही है, जिसके लिए मैं प्रधानमंत्री और रेल मंत्री के प्रति आभार प्रकट करता हूूं।
ट्रेनों का ठहराव किया जाए
सांसद ने रेल मंत्री से मांग की कि कोरोना काल में जिन ट्रेनों का ठहराव कई रेलवे स्टेशनों पर निरस्त कर दिया गया था। उनका ठहराव उन स्टेशनों पर आवश्यक है। इसलिए मैं निवेदन करता हूं कि दोबारा इन ट्रेनों का ठहराव उन स्टेशनों पर किया जाए।
जिन स्टेशनों पर ट्रेनों का ठहराव निरस्त किया गया था उनमें सहजनवां रेलवे स्टेशन पर गाड़ी संख्या 15007/15008 गोरखनाथ एक्सप्रेस, 19038/19037 अवध एक्सप्रेस, 22537/22538 कुशीनगर एक्सप्रेस, 11124/11123 बरौनी ग्वालियर एक्सप्रेस, 15273/15274 सत्याग्रह एक्सप्रेस शामिल है । इसके अतिरिक्त पीपीगंज और कैम्पियरगंज में गाड़ी संख्या 18201/18202, 18205/18206, 15065/15067 एवं 15066/15068 का ठहराव जनहित में अतिआवश्यक है ।
जिम में अकस्मात आ रहे हार्ट अटैक के कारणों का पता लगाने के लिए गठित हो कमेटी- रवि किशन
सांसद रवि किशन ने कहा कि देश में जिम व्यामशाला में होने वाली अकस्मात मौतों की संख्या बढ़ी है। एक साल में हमारे देश के बहुत ही होनहार युवा कलाकार , संगीत जगत के जाने-माने लोग , विख्यात खिलाड़ी आदि अनेक लोग जीम में वर्क आउट करते समय हृदय गति रुकने के कारण मृत्यु को प्राप्त हुए हैं।दक्या जिम में कुछ नशीली या प्रतिबंधित दवाइयों का सेवन कराया जाता है जिसके कारण हार्ट अटैक के मामले बढ़े हैं या इसका कोई अन्य कारण है । यह प्रतिबंधित दवाइयां जो हमारे देश में बिक रही हैं ,उससे हमारा देश खोखला होता जा रहा है । हमारी युवा पीढ़ी बर्बाद हो रही है ।युवा पीढ़ी हमारे देश की रीड की हड्डी है और यह रीड की हड्डी प्रतिबंधित दवाइयों के सेवन के कारण बर्बाद हो रही है ।
नशीली दवाइयों के प्रतिबंध के लिए सरकार अपने स्तर से बहुत प्रयास कर रही है । बहुत सारे जीम पर छापे पड़े हैं और उनको पकड़ा जा रहा है। सरकार बहुत सार्थक प्रयास कर रही है जिससे इस तरह की घटनाओं पर रोकथाम लगे । इसके साथ ही मांंग करना चाहूंगा कि स्वास्थ्य मंत्रालय के विशेषज्ञों की एक जांच दल गठित की जाए जो इन कारणों का पता लगा सके।












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