भारतीय ज्ञान परंपरा मर्यादा और मूल्यों की धरोहर है - प्रो. विकास शर्मा
DDU University Gorakhpur Latest News Uttar Pradesh: दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के यूजीसी-मालवीय मिशन टीचर ट्रेनिंग सेंटर (MMTTC) द्वारा आयोजित 11वें ऑनलाइन "राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020: ओरिएंटेशन एवं सेंसिटाइजेशन कार्यक्रम" के सातवें दिन मुख्य वक्ता के रूप में चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय, मेरठ के पूर्व अंग्रेजी विभागाध्यक्ष प्रो. विकास कुमार शर्मा और वनस्पति विज्ञान विभाग, दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के डॉ. रामवंत गुप्ता की गरिमामयी उपस्थिति रही।
दूसरे सत्र में डॉ. रामवंत गुप्ता ने एकेडमिक बैंक ऑफ क्रेडिट (ABC) की संकल्पना और विश्वविद्यालयों में उसकी भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने इसे छात्रों के लिए एक वर्चुअल डिजिटल वॉलेट बताया, जो शिक्षा को लचीला और गतिशील बनाने में सहायक है।

कार्यक्रम संयोजक प्रो. अजय कुमार शुक्ला ने अपने विचार रखते हुए कहा कि "राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020" केवल एक शैक्षिक सुधार नहीं है, बल्कि भारत की बौद्धिक, सांस्कृतिक और वैज्ञानिक धरोहर को पुनर्जीवित करने का मार्गदर्शन है। यह नीति बहु-विषयकता और मूल्य-आधारित शिक्षा के माध्यम से छात्रों को ज्ञान, कौशल और संस्कार से सम्पन्न बनाती है। गीता का स्मरण कराते हुए उन्होंने कहा - "न हि ज्ञानेन सदृशं पवित्रमिह विद्यते", अर्थात ज्ञान से पवित्र इस जगत में कुछ भी नहीं है।












Click it and Unblock the Notifications