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VIJAYADASHAMI: संतों की अदालत में दंडाधिकारी की भूमिका में नजर आएंगे पीठाधीश्वर योगी

सूबे के मुख्यमंत्री व गोरक्षपीठ के पीठाधीश्वर विजयदशमी के दिन मंगलवार को संतो की अदालत में दंडाधिकारी की भूमिका में नजर आएंगे।इस भूमिका में वह संतो की समस्याओं का निस्तारण करते हैं।वर्षो पुरानी पीठ की यह परंपरा आज भी काय
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गोरखपुर,3अक्टूबर: अजय सिंह बिस्ट से योगी आदित्यनाथ का सफर।फिर आमजन ने उन्हें राजनीति में पसंद किया और सूबे का मुख्यमंत्री बनाया।कई रुप में नजर आने वाले गोरक्षपीठ के पीठाधीश्वर योगी आदित्यनाथ शारदीय नवरात्र के विजयदशमी पर एक और रुप में नजर आते हैं और वह है दण्डाधिकारी की भूमिका।इस दिन गोरखनाथ मंदिर में संतो की अदालत लगती है।संतो की समस्याओं को सुना जाता है और इसका त्वरित निस्तारण भी किया जाता है।न्याय करते हैं दंडाधिकारी और इस दंडाधिकारी की भूमिका में नजर आते हैं नाथ संप्रदाय के विश्व प्रसिद्ध मंदिर गोरक्षनाथ के पीठाधीश्वर योगी आदित्यनाथ।एक अलग रुप में सबका ध्यान अपनी ओर आकर्षित करते हैं सीएम योगी।आइए जानते हैं नाथ संप्रदाय की गोरक्षपीठ की इस परंपरा के बारे में।

गोरक्षपीठ की है परंपरा

गोरक्षपीठ की है परंपरा

नाथपंथ की परम्परा के अनुसार हर साल विजयदशमी के अवसर पर गोरखनाथ मंदिर में पीठाधीश्वर द्वारा संतों के विवादों का निस्तारण किया जाता है। गोरक्षपीठाधीश्वर योगी आदित्यनाथ नाथपंथ की शीर्ष संस्था अखिल भारतवर्षीय अवधूत भेष बारह पंथ योगी महासभा के अध्यक्ष भी हैं। इसी पद पर वह दंडाधिकारी की भूमिका में होते हैं। गोरखनाथ मंदिर में विजयदशमी को पात्र पूजा का कार्यक्रम होता है। इसमें गोरक्षपीठाधीश्वर संतो के आपसी विवाद सुलझाते हैं।विवादों के निस्तारण से पूर्व संतगण पात्र देव के रूप में योगी आदित्यनाथ का पूजन करते हैं। पात्र देवता के सामने सुनवाई में कोई भी झूठ नहीं बोलता है। पात्र पूजा संत समाज में अनुशासन के लिए भी जाना जाता है।

निकलेगी शोभायात्रा

निकलेगी शोभायात्रा

विजयदशमी के अवसर पर गोरक्षपीठ से निकलने वाली गोरक्षपीठाधीश्वर की विजय शोभायात्रा मंगलवार को धूमधाम से निकलेगी।इस शोभायात्रा का उद्देश्य सामाजिक समरसता को बढ़ावा देना है।हर वर्ग के लोग इस यात्रा में बढ़चढ़ कर भाग लेते हैं। गोरक्षपीठाधीश्वर की अगुवाई वाली परंपरागत शोभायात्रा में हर साल निकलती है।इसमें अल्पसंख्यक वर्ग के लोग भी प्रतिभाग करते हैं। गोरक्षपीठाधीश्वर का काफिला जब मंदिर से निकलता है तो सामाजिक समरसता की तस्वीर विहंगम होती है।

मानसरोवर मंदिर तक जाएगी शोभायात्रा

मानसरोवर मंदिर तक जाएगी शोभायात्रा

विजयदशमी के दिन सायंकाल गोरखनाथ मंदिर से गोरक्षपीठाधीश्वर की शोभायात्रा धूमधाम से निकाली जाएगी। पीठाधीश्वर, गुरु गोरक्षनाथ का आशीर्वाद लेकर अपने वाहन में सवार होंगे। तुरही, नगाड़े व बैंड बाजे की धुन के बीच शोभायात्रा मानसरोवर मंदिर पहुंचेगी। यहां पहुंचकर गोरक्षपीठाधीश्वर योगी आदित्यनाथ गोरक्षपीठ से जुड़े मानसरोवर मंदिर पर देवाधिदेव महादेव की पूजा-अर्चना करेंगे। इसके बाद उनकी शोभायात्रा मानसरोवर रामलीला मैदान पहुंचेगी। यहां चल रही रामलीला में वह प्रभु श्रीराम का राजतिलक करेंगे। इसके साथ ही प्रभु श्रीराम, माता जानकी, लक्ष्मण व हनुमानजी का पूजन कर आरती भी उतारी जाएगी। यही नहीं विजयादशमी के दिन गोरखनाथ मंदिर में होने वाले पारंपरिक तिलकोत्सव कार्यक्रम में गोरक्षपीठाधीश्वर श्रद्धालुओं को आशीर्वाद भी देंगे।

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English summary
cm yogi adityanath will play judicial magistrate role on vijaydashmi,cm yogi aditynath,navratri 2022,gorakhnath temple
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