Yogi Adityanath: वनटांगिया समाज में भगवान की तरह पूजे जाते हैं सीएम योगी

जंगल में बिना किसी सुविधाओं के अपना जीवन यापन करने वाला वनटांगिया समाज आज सभी सुविधाओं से युक्त है। इसके लिए यह समुदाय सीएम योगी को भगवान मानता है।

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Gorakhpur News: आजादी के बाद भी लगभग 65 वर्षों से जो समुदाय स्वतंत्र जीवन यापन नहीं कर पा रहा था। समाज की मुख्य धारा से वंचित था। सभी सुख- सुविधाओं से कोसों दूर था। ना तो इनके पास अपना आवास था, ना बिजली, ना ही सरकार की किसी योजना का लाभ पाते थे। यहां तक आजादी के बाद से ही इनको राजस्व गांव का दर्जा नहीं प्राप्त था, जिससे यह समाज की कई सुविधाओं से वंचित हो रहे थे। इनका जीवन जंगल की अंधेरी दुनिया में ही कैद था। इन पर एक खास व्यक्ति की नजर पड़ी और इनका पूरा जीवन बदल गया। यह खास व्यक्ति हैं गोरक्षपीठ के पीठाधीश्वर और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ। जिनके प्रयासों से यह समुदाय आज समाज की मुख्य धारा से जुड़ चुके हैं। आम नागरिकों की तरह इन्हें सरकार की सभी योजनाओं का लाभ मिल रहा है। सीएम योगी जब सांसद थे तभी से उनका खासा लगाव इस समुदाय से था। उन्होंने यहां के लोगों की जरुरते पूरी की और हर सुख- दु:ख में परिवार के मुखिया की तरह खड़े रहे। ऐसे कई कारणों से यह समाज सीएम योगी का भगवान की तरह पूजता है। आइए जानते हैं कैसे योगी आदित्यनाथ ने इस वनटांगिया समुदाय की सूरत बदल दी।

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वनटांगिया समुदाय वनटांगिया जंगलों में रहने वाला आदिवासी समुदाय है। अंग्रेजो के समय जब भारत के कई हिस्सों में रेल पटरियां बिछाने का काम चल रहा था तब उन्होंने एक समुदाय के लोगों को साखू के पौधे लगाने, उनकी देखभाल करने व कटान करने के लिए जंगल में ही बसा दिया। साखू के जंगल बसाने के साथ ही यह समुदाय भी जंगलों में बस गया। इन जंगलों के लिए वर्मा देश की टांगिया विधि का प्रयोग किया गया था। जंगलों में रहकर टांगिया विधि से साखू के पौधों की देखरेख करने वाले इस समुदाय को वनटांगिया कहा गया। यह समुदाय गोरखपुर के कुसम्ही जंगल में पांच क्षेत्रों जंगल तिनकोनिया नम्बर तीन, रजही खाले टोला, रजही नर्सरी, आमबाग नर्सरी व चिलबिलवा में 1918 में बसीं।

आजादी के बाद भी सुविधाओं से थे वंचित
यह समुदाय आजादी मिलने के बाद भी साठ से अधिक वर्षों तक सरकार की सभी सुविधाओं से वंचित था। समाज की मुख्य धारा से अलग था। ना तो इनके पास अपने आवास थे, न बिलली- पानी। यहां तक की इन्हें राजस्व का दर्जा भी प्राप्त नहीं था।

मजदूरी कर करते थे जीवन यापन
इस समुदाय के लोगों का जीवन अभाव ग्रस्त था। रोजी- रोटी के लिए सिर्फ जंगल के पत्ते और लकड़ियां ही थी। इसके अतिरिक्त कोई और साधन नहीं था।

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जब सांसद योगी आदित्यनाथ ने शुरु की पहल गोरक्षपीठ के पीठाधीश्वर योगी आदित्यनाथ जब गोरखपुर के सांसद बने, तब से उन्होंने इस समुदाय के लोगों के लिए खास पहल शुरु कर दी। आजादी के बाद से वंचित इस समुदाय के लोगों के लिए उन्होंने संसद से सड़क तक संर्घष किया। सांसद रहते ही इनके जीवन में परिवर्तन लाना शुरु कर दिया था।

सीएम योगी ने बदल दी इनकी सूरत जब योगी आदित्यनाथ ने सूबे की कमान संभाल ती मानों इस समुदाय के अच्छे दिन आ गए हों। योगी आदित्यनाथ ने इन्हें समाज की मुख्य धारा में जोड़ा, राजस्व गांव का दर्जा दिया। आवास, राशन, आयुष्मान कार्ड सहित सभी सरकारी योजनाओं का लाभ इन्हें मिलने लगा। विद्यालय, सड़क, रोजगार से इनके जीवन में साकारात्मक परिवर्तन आएं। आज यहां के बच्चे अच्छे स्कूलों में पढ़ रहे हैं। समाज की मुख्य धारा में होने के कारण इन लोगों में समाज की आधुनिकता का समावेश हुआ। रहन- सहन व जीवन स्तर पूरी तरह बदल गया।

सीएम योगी को भगवान मानता है यह समाज
जंगल तिनकोनिया नम्बर तीन के रहने वाले शंभू बताते है कि आज उन्हें सरकार की हर योजना का लाभ मिल रहा है। उनके बच्चे अच्छे स्कूलों में पढ़ रहे हैं। वह स्वंय अच्छे रोजगार से लगे हुए हैं। आज उन्हें समाज में समान हक मिल रहा है। शंभू कहते है कि महराज जी ने जो हमारे लिए किया वह कोई भगवान ही कर सकता है। हम लोगों को उन्होंने इतना प्यार दिया कि हम लोग कल्पना भी नहीं कर सकते थे। महराज जी हम लोगों के लिए भगवान हैं।

वर्ष 2009 से सीएम इनके साथ मनाते हैं दिवाली
सूबे के मुखिया योगी आदित्यनाथ का भी इस समुदाय से खासा लगाव है। वह इन लोगों से इतना लगाव रखते हैं कि जब भी समय मिलता है वह इनके बीच आते है और इनकी समस्याओं का त्वरित समाधान करते हैं। एक मुखिया की तरह वह हर सुख- दु:ख में इनके साथ रहते हैं। इतना ही नहीं सीएम साल 2009 से ही इनके साथ दीवाली का पर्व मना रहे हैं। दीवाली पर सीएम इनके लिए करोड़ों की सौगात भी लाते हैं। सीएम योगी के आने की वजह से इस समुदाय की दीपावली खास हो जाती है।

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    आज इस समुदाय के लोगों के पास अपना पक्का मकान, शौचालय,बिजली,रसोई, गैस, राशनकार्ड, आयुष्मान कार्ड, पेंशन सहित सारी सुविधाएं उपलब्ध हैं और आज यह समाज समाज की मुख्य धारा से जुड़ बेहतर ढ़ग से जीवन यापन कर रहा है।

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