Yogi Adityanath Political Career: जानिए योगी आदित्यनाथ एक संन्यासी से कैसे बने देश के सबसे बड़े सूबे के सीएम

एक मध्यम परिवार में जन्मे अजय सिंह बिष्ट कैसे बने देश के सबसे बड़े सूबे के मुख्यमंत्री, कैसा रहा योगी आदित्यनाथ का राजनीतिक सफर, आइए डालते हैं एक नजर।

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CM Yogi Adityanath Life : देश के सबसे बड़े सूबे के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आज किसी परिचय के मोहताज नहीं हैं। वह 25 मार्च को उत्तर प्रदेश के सबसे लंबी अवधि तक सीएम रहने का रिकार्ड बना रहे हैं। इस दिन वह देश के कई बड़े दिग्गज नेताओं को पीछे छोड़ते हुए आगे निकलेगें। इन बड़़े दिग्गज नेताओं में मुलायम सिंह यादव, मायावती, अखिलेश यादव के नाम शामिल हैं। आखिर एक मध्यम वर्ग परिवार में जन्मा लड़का इतनी बुलंदियों तक कैसे पहुंचा? किन विचारधाराओं से प्रभावित होकर अजय सिंह बिष्ट योगी बन गए? लोगों ने ऐसा क्या देखा जो एक संन्यासी को देश के सबसे बड़े सूबे का मुख्यमंत्री बना दिया वह भी एक बार नहीं बल्कि दो बार। आइए एक नजर डालते हैं देश के सबसे लोकप्रिय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के अब तक सफर पर।
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उत्तराखंड के पंचूर गांव में हुआ जन्म
योगी आदित्यनाथ का जीवन संघर्षो भरा रहा। लेकिन उन्होंने कभी हार नहीं मानी और कठोर परिश्रम के जीवन के अपने लक्ष्यों के प्रति सतत प्रयास जारी रखा। अनुशासन, धैर्य और संयम उनकी सफलता के मूल मंत्र हैं। इसके साथ ही उनके जीवन में एक व्यक्ति का सर्वाधिक प्रभाव रहा जिनके व्यक्तित्व से प्रभावित होकर अजय सिंह बिष्ट ने संन्यास ग्रहण कर लिया। वह थे उनके गुरु ब्रम्मलीन महंत अवैद्यनाथ। योगी आदित्यनाथ का जन्म 5 जून 1972 को उत्तराखंड के पौड़ी गढ़वाल जिले के पंचूर गांव में गढ़वाली राजपूत परिवार में हुआ। पिता आनन्द सिंह बिष्ट और माता सावित्री देवी की पांचवी संतान हैं। कुल सात भाई बहन में योगी बचपन से ही विलक्षण प्रतिभा के धनी थे।

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ऐसे बने संन्यासी
योगी आदित्यनाथ ने श्रीनगर के गढ़वाल विश्‍वविद्यालय से गणित से बीएससी की एंव साल 1993 में वे गणित में एमएससी की पढ़ाई के दौरान गोरखपुर आए। इसी बीच उनकी मुलाकात महंत अवैद्यनाथ से हुई। अवैद्यनाथ को वह अपना गुरु मानने लगे और इनकी विचारधारा से इतने प्रभावित हुए कि महज 22 वर्ष की आयु में उन्होंने संन्यास ग्रहण कर लिया। 15 फरवरी 1994 को उन्होंने संन्यास ग्रहण हिन्दुत्व की रक्षा का संकल्प लिया। वर्ष 1998 में महंत अवैद्यनाथ ने इन्हें अपना उत्तराधिकारी घोषित किया।

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    राजनीतिक जीवन की ऐसे हुई शुरुआत
    गोरक्षपीठ के उत्तराधिकारी बनने के बाद वर्ष 1996 में महंत अवैद्यनाथ के चुनाव का संचालन किया इसके बाद वह पहली बार 1998 में लोकसभा चुनाव महज 26 साल में जीतकर अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत की। वह देश के सबसे कम उम्र के सांसद बने।

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    हिन्दुत्व को किया बुलंद
    सीएम योगी आदित्यनाथ अपने कट्टर हिन्दू छवि के लिए जाने जाते हैं। उन्होंने हिन्दू युवा वाहिनी और बजरंग दल जैसे संगठनों के माध्यम से इसे बुलंद भी किया। इनके माध्यम से योगी ने गांव- गांव में हिन्दुत्व की भावना को बढ़ावा दिया। और आज भी वह हिन्दुत्व को सर्वाधिक महत्व देते हैं।

    जब भाजपा के खिलाफ हुए थे योगी
    साल 2007 के विधानसभा चुनाव में जब बीजेपी ने योगी को बहुत महत्व नहीं दिया तब योगी ने हिन्दू युवा वाहिनी से अपना प्रत्याशी घोषित कर दिया। भाजपा प्रत्याशी शिव प्रताप शुक्ला के खिलाफ उन्होंने राधा मोहन को चुनाव लड़ाया। जिसमें राधा मोहन ने जीत दर्ज की।


    5 बार रहे हैं सांसद
    योगी आदित्यनाथ पांच बार गोरखपुर संसदीय सीट से सांसद रहे। 1998, 1999, 2004, 2009 और 2014 के लोकसभा चुनाव में लगातार जीत दर्ज की।

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    सांसद से यूपी के सीएम का सफर
    साल 2017 के विधानसभा चुनाव के बाद उन्होंने 19 मार्च 2017 को उत्‍तर प्रदेश के मुख्‍यमंत्री पद की शपथ ली। इस पांच सालों में उन्होंने अपने कार्यो से उत्तर प्रदेश की जनता का विश्वास कायम रखा और 2022 में दोबारा सीएम बने। 25 मार्च को योगी सूबे में सबसे अधिक समय तक सीएम रहने का रिकार्ड बनाएंगे।

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