Gorakhpur: बीआरडी मेडिकल कॉलेज ने इंसेफलाइटिस के मरीजों के लिए की यह खास पहल
बीआरडी मेडिकल कॉलेज में इंसेफलाइटिस के कारक स्क्रब टायफस की जांच रिपोर्ट अब बहुत कम समय में मिल जाएगी। जिससे मरीजों को त्वरित राहत मिल सकेगी।

Gorakhpur News: बीआरडी मेडिकल कॉलेज ने इंसेफलाइटिस के मरीजों को बड़ी राहत देने की तैयारी की है। मरीजों को इंसेफलाइटिस रोग के प्रमुख कारक स्क्रब टाइफस की जांच रिपोर्ट के लिए अब तीन से चार दिनों तक का इंतजार नहीं करना पड़ेगा। रीजनल मेडिकल रिसर्च सेंटर की नई रैपिड टेस्ट किट से यह संभव हुआ है। वर्तमान समय में टाइफस स्क्रब की जांच एलाइजा और आरटीपीसीआर से हो रही है। रिसर्च सेंटर ने 95 प्रतिशत एक्यूरेसी वाली तकनीक के पेटेंट के लिए आवेदन कर दिया है।
आरएमआरसी के निदेशक डॉक्टर रजनीकांत ने बताया कि इस रैपिड किट से स्क्रब टाइफस की जांच मात्र 45 मिनट में हो सकेगी। इसके हस्तांतरण के लिए कई कंपनियों ने दावेदारी की है। जब तक पेटेंट की प्रक्रिया पूरी नहीं होगी, तकनीक का हस्तांतरण नहीं किया जाएगा।
आरएमआरसी के निदेशक डॉक्टर रजनीकांत के मार्गदर्शन में वैज्ञानिक डॉक्टर राजीव सिंह व डॉक्टर पूजा भारद्वाज ने इस किट की खोज की है। डॉक्टर राजीव ने बताया कि इंसेफलाइटिस स्क्रब टायफस से होने वाली बिमारी है। यह वैक्टिरिया डीएनए प्रोटीन से बनता है। नई किट में आइसोथर्मल पीसीआर को तैयार किया गया है। यह बैट्री से संचालित हीटर युक्त मशीन है।
जानकारी के मुताबिक, पिछले आठ सालों में स्क्रब टायफस के मरीजों की संख्या लगातार बढ़ी है। इस समय इंसेफलाइटिस के 60 प्रतिशत मरीज स्क्रब टायफस के मिले है।
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