गोवा: इन 3 कारणों से BJP को हो रही मुख्यमंत्री चुनने में देरी
पणजी, 14 मार्च: बीजेपी सहयोगियों की मदद से एक बार फिर से गोवा में सरकार बनाने जा रही है। गोवा का मुख्यमंत्री कौन होंगे? इस पर अभी सस्पेंस बरकरार है। विधानसभा में बहुमत से एक सीट कम होने के बाद भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने अभी तक मुख्यमंत्री के नाम की घोषणा नहीं की है। वर्तमान में कार्यवाहक सीएम प्रमोद सावंत को भरोसा है कि उन्हें इस पद के लिए फिर से नामित किया जाएगा। लेकिन मीडिया में आ रही खबरों के मानें तो उनकी राह में कई सारी बाधाएं बनी हैं।

पहला कारण
सीएम पद के लिए नाम फाइनल करने में देरी की एक बड़ी वजह उत्तराखंड है। बीजेपी को उत्तराखंड में सीएम चेहरा चुनने की दुविधा का सामना करना पड़ रहा है, क्योंकि निवर्तमान सीएम पुष्कर सिंह धामी अपनी खटीमा सीट हार गए हैं। भाजपा ने 70 में से 47 सीटों पर जीत हासिल की है । एक राज्य में एक नया रिकॉर्ड स्थापित करने के बाद सत्ता में आई है। उत्तराखंड हर 5 साल में आमतौर सरकार बदलता था। न्यूज 18 की खबर के मुताबिक, बीजेपी के एक सीनियर नेता बताया कि, केंद्रीय नेतृत्व आखिरकार नाम तय करने में सक्षम हो गया है। जल्द ही इसकी घोषणा की जाएगी। चारों राज्यों के मुख्यमंत्रियों के नामों की घोषणा एक साथ की जाएगी। सबसे अधिक सुविधा के सीएम को लेकर हो रही है।
दूसरा कारण
भाजपा को वालपोई के भाजपा विधायक विश्वजीत राणे के समर्थकों का दबाव झेलना पड़ रहा है। गोवा के पूर्व स्वास्थ्य मंत्री जिन्होंने 2017 में कांग्रेस के सरकार बनाने में विफल रहने के बाद कांग्रेस से भाजपा में शामिल हो गए थे, उन्हें भी नामित किए जाने की उम्मीद है। राणे सीएम की रेस में शामिल हैं। उन्हें दिल्ली के कुछ शीर्ष नेताओं पसंद करते हैं। वह एक मजबूत दावेदार हैं, एक नेता ने नाम न बताने की शर्त पर कहा यह सीएम को घोषित करने में एक बड़ी वजह है।
तीसरा कारण
गोवा में नए सीएम के फेस में हो रही देरी का एक कारण ज्योतिष को भी माना जा रहा है। सीएमओ के एक अधिकारी ने कहा, "10 से 17 मार्च के बीच कोई शुभ दिन नहीं हैं। इसलिए अगर शपथ ग्रहण भी करना है, तो उसके बाद ही होगा।












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