सबूतों के अभाव में बरी हुए सपा सांसद अफजाल अंसारी, 23 साल पहले लगा था ये आरोप, जानें क्या है पूरा मामला?
The court acquitted Afzal Ansari: गाजीपुर से समाजवादी पार्टी के सांसद अफजाल अंसारी को 23 साल पुराने एक मामले में शनिवार को सीजेएम कोर्ट ने बरी कर दिया। सबूतों के अभाव में अफजाल अंसारी को कोर्ट में बरी किया।
समाजवादी पार्टी के सांसद अफजाल अंसारी पर 23 साल पहले मोहम्मदाबाद तहसील में धरना प्रदर्शन के दौरान अपने समर्थकों के साथ तोड़फोड़ करने का आरोप लगा था। इस मामले में सीजेएम कोर्ट में काफी समय से सुनवाई चल रही थी।

सीजेएम कोर्ट द्वारा बरी किए जाने के बाद अफजाल अंसारी ने मीडिया कर्मियों से बातचीत किया। बातचीत के दौरान उन्होंने कहा की उन्हें न्याय पर पूरा भरोसा है इसके अलावा संभल में समाजवादी पार्टी के प्रतिनिधि मंडल को जाने से रोकने के मामले पर अपना बयान दिया तथा संभल की घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताया।
उन्होंने यह भी कहा कि सपा प्रतिनिधिमंडल को रोका गया है लेकिन प्रतिनिधिमंडल संभल जरूर जाएगा। इसके अलावा उन्होंने अधिकारियों को भी लेकर बयान देते हुए कहा कि यह अंतिम सरकार नहीं है। इसके बाद भी सरकारें आएंगी।
आज जो भी अधिकारी हैं उन्हें खामियाजा भुगतना पड़ेगा। सत्ता में बैठे हुए लोग कोई अस्थाई नहीं हैं। इनके कहने पर जो गुनाह और अत्याचार किया जा रहा है समय आने पर उन सब का हिसाब किया जाएगा।
मुलायम सिंह के आह्वान पर निकाला गया था जुलूस
दरअसल, 9 अगस्त 2001 को सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव द्वारा प्रदेश बंद का आवाहन किया गया था। इस दौरान प्रदेश के विभिन्न जनपदों में सपा नेताओं ने विरोध प्रदर्शन किया था। इसी कड़ी में गाजीपुर में भी विरोध प्रदर्शन हुआ था।
गाजीपुर में तत्कालीन विधायक अफजाल अंसारी और समाजवादी पार्टी के नेताओं कार्यकर्ताओं ने मंडी समिति से जुलूस निकाला था। इस जुलूस में सैकड़ो लोग शामिल थे। जुलूस में शामिल लोग नारेबाजी करते हुए तहसील पहुंचे और एसडीएम के कार्यालय में पहुंचकर नारेबाजी किया था।
अफजाल अंसारी पर आरोप था कि इस दौरान लोगों ने तहसील परिसर में हंगामा करते हुए तोड़फोड़ किया था। इसी मामले में अफजाल अंसारी के खिलाफ कोर्ट में सुनवाई चल रही थी और शनिवार को सबूत के अभाव में उन्हें बरी कर दिया गया।












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