Ghazipur Bus Accident: कैसे हुई मृतकों की पहचान?, राख में अपनों की लाश के सबूत ढूंढते रहे परिजन!
Ghazipur Bus Accident: गाजीपुर जिले में हुए बस हादसे से मऊ जिले के रानीपुर थाना क्षेत्र के खिरिया गांव में मातम पसरा हुआ है। हादसे की चर्चा अब भी हर किसी की जुबान पर है।
बीते सोमवार को हुए हादसे में पांच लोगों की जलकर दर्दनाक मौत हो गई। पांच लोगों की मौत के बाद उनके शवों की पहचान भी बड़ी मुश्किल से हो सकी। स्थानीय लोगों ने बताया कि पायल, बिछिया, टॉप्स, कंगन और मंगलसूत्र के आधार पर महिलाओं की पहचान हुई।

पहचान के बाद मरने वालों के शवों को पोस्टमार्टम हाउस भेज दिया गया। शवों की हालत देखकर पोस्टमार्टम हाउस में तैनात डॉक्टर भी हैरान रह गए। पोस्टमार्टम के बाद हादसे में मारे गए लोगों के शव उनके परिजनों को सौंप दिए गए। परिवार वालों ने शव का जो हिस्सा मिला, उसका ही अंतिम संस्कार किया गया।
दरअसल, मऊ जनपद के रानीपुर थाना क्षेत्र के खिरियां गांव निवासी नंदू सरोज के बेटी की शादी गाजीपुर के माधवपुर निवासी रामायण सरोज के बेटे तेज बहादुर सरोज के साथ तय हुई थी।
दोनों की शादी सोमवार को गाजीपुर जिले के मरदह ब्लॉक के महाहर धाम में होने थी। शादी में शामिल होने के लिए दोनों पक्षों के लोग सोमवार को महाहर धाम आ रहे थे। लड़की पक्ष के लोग एक नीजी बस से वहां आ रहे थे।
धाम के समीप पहुंचने के बाद भीड़ अधिक होने के चलते पुलिस ने बस को अंदर जाने की अनुमति नहीं दी। उसके बाद बस चालक ने कच्चे रास्ते से बस को मंदिर परिसर तक ले जाना चाहा।
इसी दौरान कच्चे रास्ते में 11 हजार के हाइटेंशन तार में बस सट जाने के चलते बस में आग लग गई और उसमें सवार पांच लोगों की जलकर मौत हो गई जबकी अन्य लोग किसी तरफ कूदकर अपनी जान बचाए।
हादसे में बिजली विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों को दोषी पाते हुए बिजली मंत्री एके शर्मा द्वारा उनके खिलाफ कार्रवाई की गई। वहीं सीएम योगी ने मरने वालों के परिजनों को 5-5 लाख और घायलों को 50-50 हजार मदद राशि देने की घोषणा की थी।












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