kullu flash flood : 25 साल की विनीता चौधरी ने अपनी जान देकर 30 लोगों को बचाया,जानिए जिंदगी और मौत की पूरी कहानी
गाजियाबाद, 30 जुलाई: हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिले में मणिकर्ण के ब्रह्मगंगा नाले में बुधवार को बादल फटने से आई बाढ़ में यूपी की बहादुर बेटी विनीता चौधरी भी बह गईं। 25 साल विनीता ने अपनी जान देकर ब्रह्मगंगा नाले में अपने पार्टनर और साइट मालिक सहित 30 लोगों की जान बचाई। विनीता यूपी के गाजियाबाद की रहने वाली थीं। परिजन कुल्लू में हैं। बताया जा रहा है कि विनीता का अब तक कुछ पता नहीं चल सका है। कुल्लू जिले की एसपी ने विनीता के बहने की खबर पुष्टि करते हुए कहा है कि रेस्क्यू टीम अभी भी उसे तलाशने में लगी हुई है। 30 लोगों की जान बचाने वाली यूपी की इस बहादुर बेटी की हर कोई सराहना कर रहा है। वहीं, परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।
Recommended Video

गाजियाबाद के लोनी की रहने वाली थीं विनीता चौधरी
विनीता चौधरी गाजियाबाद की लोनी क्षेत्र के निस्तौली गांव की रहने वाली थीं। बादल फटने से मणिकर्ण घाटी के ब्रह्मगंगा नाले में कुल चार लोग बह गए, जिनमें एक विनीता भी हैं। विनीता के पिता बुलंदशहर में टीचर हैं। जानकारी के मुताबिक, विनीता अपने एक दोस्त के साथ कुल्लू जिले के पार्वती वैली में कसौल हाइट्स नाम से एक रिसॉर्ट चलाती थीं। बुधवार को जिस वक्त बादल फटा था, विनीता रिसॉर्ट की कैंपिंग साइट पर बतौर मैनेजर कार्यरत थीं।

रिसॉर्ट में टहल रही थीं विनीता, बादल फटा और...
विनीता के घरवालों ने बताया कि 27 जुलाई को ही विनीता ने घरवालों से बात की थी। विनीता डीएसएसबी की तैयारी कर रही थीं और 2 अगस्त को उसका एग्जाम था। बुधवार यानी 28 जुलाई को ही वह गाजियाबाद के लिए निकलने वाली थी। मौके पर मौजूद लोगों ने बताया कि बुधवार सुबह विनीता अपने रिसॉर्ट में टहल रही थीं। तभी बादल फटने से ब्रह्मगंग नाले में अचानक पानी का बहाव तेज हो गया।

अपनी जान दांव पर लगाकर बचाई दूसरों की जिंदगी
पानी के बहाव को देखते ही विनीता ने शोर मचा दिया और टेंट में सो रहे 30 पर्यटकों को वहां से निकालना शुरू किया। विनीता के पार्टनर अर्जुन भी पर्यटकों को वहां से सुरक्षित निकालने में जुटे रहे। इतने में नाले का पानी कैंपिंग साइट को बहा कर ले गया और विनीता भी उसके चपेट में आ गईं। वहीं, उसका बिजनेस पार्टनर घायल हो गया। उसे कुल्लू अस्पताल में भर्ती कराया गया है। विनीत के प्रयास से बाकी लोग सुरक्षित स्थान पर पहुंच गए, लेकिन वह बह गई।

किन्नौर हादसे में गई थी जयपुर की डॉक्टर दीपा शर्मा की जान
हिमाचल प्रदेश के किन्नौर में 25 जुलाई को भूस्खलन हुआ था। इस भूस्खलन में राजस्थान की राजधानी की जयपुर ने युवा डॉक्टर दीपा शर्मा व सीकर ने नंदकिशोर बियानी की पत्नी माया बियाणी, सीए अनुराग बियाणी व ऋचा बियाणी को खोया है। दरअसल, किन्नौर जिले में बटसेरी के गुंसा के पास पहाड़ से अचानक पत्थर टूटकर गिरने से कुछ घंटे पहले ही डॉ. दीपा शर्मा ने हिमाचल भ्रमण की तस्वीरें सोशल मीडिया पर शेयर की थी, जिनमें यूजर्स ने उन्हें भूस्खलन जैसी आपदाओं से सावचेत रहने की सलाह भी दी थी। कुछ देर बाद ही किन्नौर में भूस्खलन की खबरें आने लगी थीं।

हिमाचल प्रदेश में जारी है बारिश का सितम
बता दें, हिमाचल प्रदेश में पिछले तीन दिनों से लगातार बारिश जारी है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, बारिश की वजह से अब तक 21 लोगों की जान जा चुकी है। शुक्रवार को सिरमौर में लैंडस्लाइड के चलते पावंटा शिलाई हाईवे बंद हो गया। वहीं, मंडी में कार पार्किंग का शेड गिरने से कई कारों को नुकसान पहुंचा है। लाहौल स्पीति में बारिश की वजह से 200 से ज्यादा पर्यटक फंसे हुए हैं। मौसम साफ होने पर इन्हें एयरलिफ्ट किया जाएगा।












Click it and Unblock the Notifications