गाजियाबाद: एटलस के बाद बंद हुई 40 साल पुरानी ये फैक्ट्री, गेट पर लगा ले-ऑफ का नोटिस देख निकले मजदूरों के आंसू
गाजियाबाद। साहिबाबाद औद्योगिक क्षेत्र में एक बार फिर सैकड़ों मजदूर सड़क पर उतरे हैं। एटलस के बाद अब साहिबाबाद औद्योगिक क्षेत्र में 40 साल पुरानी ऑटो गियर फैक्ट्री अस्थाई तौर पर बंद हो गई है। गाजियाबाद में एक और फैक्ट्री ने 'ले-ऑफ' का नोटिस लगा दिया है। अब फैक्ट्री के बाहर 300 मजदूर बेबसी के आंसू लिए खड़े हैं। मजदूरों का एक ही सवाल है कि अब उनका क्या होगा। ऑटो गियर फैक्ट्री 40 साल पुरानी कंपनी है। मजदूरों ने दिन रात इस कंपनी में मेहनत कर इसे खड़ा किया, लेकिन फैक्ट्री का प्रबंधन इस तरह से उन्हें रोड पर लाकर खड़ा कर देगा यह मजदूरों ने सोचा नहीं था।

तीन महीने से फैक्ट्री खुलने का इंतजार कर रहे थे मजदूर
मजदूर 3 महीने से इंतजार कर रहे थे कि लॉकडाउन खुलेगा, उन्हें राहत मिलेगी और फैक्ट्री जाएंगे। मजदूर जैसे ही 8 जून को फैक्ट्री में दोबारा से काम करने पहुंचे तो गेट पर उनको नोटिस लगा दिखा, जिस देख मजदूर परेशान हो उठे कि आखिर कंपनी को क्या हुआ। हालांकि, कुछ मजदूरों का यह भी कहना है कि वो पहले से फैक्ट्री आ रहे थे और शनिवार को भी आए थे। रविवार की छुट्टी के बाद सोमवार को अब यह बुरी खबर मिली। कर्मचारियों ने कहा कि इस तरह से लगातार फैक्ट्रियों की बंदी बर्दाश्त नहीं की जाएगी, क्योंकि इससे पहले एटलस फैक्ट्री को भी इसी तरह से बंद कर दिया गया था और कर्मचारियों को आधी सैलरी पर गुजारा करने के लिए कह दिया गया। एटलस से बेरोजगार हुए मजदूरों ने अभी दूसरी नौकरी तलाशना शुरू भी नहीं की थी कि इसी दौरान दूसरी फैक्ट्री के अस्थाई तौर पर बंद होने की खबर आ गई।

क्या कहते हैं अधिकारी
श्रम आयुक्त गाजियाबाद राकेश मिश्र ने कहा कि ले-ऑफ में कंपनी का जाना कोई नई बात नहीं है, कंपनी जब आर्थिक संकट से जूझती है या उसके पास पैसा नहीं होता है तो ले ऑफ पर चली जाती है। कंपनी अपने कर्मचारियों को उनके सैलरी का 50 फीसदी ही देती है। लेबर कमिश्नर ने यह भी बताया है कि कंपनी के पास कोई भी वर्क आर्डर नहीं आने से कंपनी की पास पैसे नहीं आते, जिसके चलते कंपनी को कुछ समय की लिए बंद करना पड़ा।

विश्व साइकिल दिवस पर एटलस ने बंद किया कारखाना
बता दें, इससे पहले विश्व साइकिल दिवस पर देश की मशहूर साइकिल कंपनी एटलस ने अपना सबसे बड़ा कारखाना बंद कर दिया था। इस कारण एक हजार से अधिक मजदूरों का भविष्य अधर में लटक गया है और वे संकट में आ गए हैं। कंपनी ने आर्थिक तंगी का हवाला देते हुए कारखाने को बंद करने की बात कही है। कंपनी का कहना है कि उनके पास अब पैसा नहीं बचा है और कारखाना चलाने में वो असमर्थ हैं। एटलस साइकिल्स (हरियाणा) लिमिटेड ने उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद के साहिबाबाद में स्थित अपने सबसे बड़े कारखाना पर एक नोटिस चस्पा किया है। कंपनी ने कहा है कि हम कई वर्षों से भारी आर्थिक संकट से गुजर रहे हैं। हमारे सभी फंड खर्च हो गए हैं। अब हमारे पास कोई अन्य आय के स्रोत नहीं बचे हैं। कंपनी ने कहा है कि ऐसी स्थिति में हम कंपनी चलाने में असमर्थ हैं।












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