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भारी विरोध के बाद झुकी PepsiCo ने गुजरात में मुकदमा वापस लिया, अब किसान ठोकेंगे उस पर दावा

Gujarat News, गांधीनगर। खाद्य एवं पेय उत्पाद बनाने वाली पेप्सिको कंपनी (PepsiCo) ने गुजरात में 4 किसानों पर 1-1 करोड़ के मुकदमे दायर कर विरोध झेलने के बाद मुकदमे वापस ले लिए हैं। कंपनी के पीछे हटने के बाद अब किसानों ने उस पर अपना दावा ठोकने की तैयारी कर ली है। किसानों के वकील का कहना है कि किसान उत्पीड़न के लिए पेप्सिको को हम कानूनी नोटिस जारी करने जा रहे हैं। वे मुआवजे के रूप में हर किसान से 1 रुपये लेंगे।

भारी विरोध के बाद कंपनी ने वापस लिया मुकदमा

भारी विरोध के बाद कंपनी ने वापस लिया मुकदमा

मालूम हो कि, अप्रैल की शुरूआत में गुजरात के चार किसानों के खिलाफ वाणिज्यिक अदालत में पेप्सिको ने मुकदमा दायर किया था, जिसमें इस कंपनी ने आरोप लगाए थे कि उक्त किसानों ने उनके रजिस्टर्ड आलू की किस्में बेची हैं। कंपनी का कहना था कि वो स्पेशल आलू से अपने सामने बनाती है, किसानों ने बिना परमीशन हमारा आलू बेचा है। ऐसे में इन किसानों पर आलू के लिए एक-एक करोड़ का दावा ठोका गया।'

अगली सुनवाई 12 जून रखी गई थी

अगली सुनवाई 12 जून रखी गई थी

पेप्सिको के इस दावे पर विचार करते हुए अदालत ने उन किसानों पर अप्रैल माह में बिक्री करने से पाबंदी लगा दी थी। इसके साथ ही केस की अगली सुनवाई 12 जून रखी गई थी। हालांकि, पेप्सिको के दाव के खिलाफ देशभर के किसान लामबंद होने लगे। जिसके बाद कंपनी को झुकना पड़ा। फिर, उसके अधिकारियों द्वारा यह घोषणा कर दी गई कि कंपनी अपना मुकदमा वापस ले लेगी। अब जबकि, साबरकांठा जिले के उन आलू किसानों के खिलाफ दायर चार मुकदमों को वापस ले लिया गया है तो वे किसान अब कंपनी पर मानहानि के रूप में मुकदमा ठोकने की तैयारी में जुट गए हैं।

'किसानों के हक के लिए लड़ेंगे'

'किसानों के हक के लिए लड़ेंगे'

अहमदाबाद में वकील आनंद याज्ञिक के साथ उन किसानों ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की, जिसमें वकील आनंद याग्निक ने कहा कि वे किसानों के हक के लिए लड़ेंगे। वहीं, केस वापस लेने की घोषणा से पहले तक पेप्सिको कंपनी कह रही थी कि आलू के पेटेंट के बावजूद उन किसानों ने हमारी सहमति के बिना खुद उगा लिए थे। उसके जवाब में भारतिय किसान संघ ने कहा था कि मोनसेंटो और अन्य बहुराष्ट्रीय कंपनियां हमेशा किसानों का शोषण करती हैं। खासतौर पर इन कंपनियों द्वारा किसानों के उत्पीड़न किए जाने के खिलाफ सरकार को सतर्क रहना होगा।

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