'लोगों के काम होते हैं या नहीं..' इसके आधार पर होगा अब गुजरात में अधिकारी या कर्मचारी का प्रमोशन
गांधीनगर। केंद्र के साथ गुजरात सरकार में भी अब अधिकारियों को आम जनता द्वारा किए गए काम के आधार पर ग्रेड दिए जाएंगे। भारत सरकार जो संशोधन लागू करने जा रही है उसमें राज्यों को सहमत किया गया है। यह नई प्रणाली गुजरात सरकार के अधिकारियों और कर्मचारियों पर लागू होगी। सामान्य प्रशासन विभाग के सूत्रों ने कहा कि सरकार ने कार्यपद्धति का मूल्यांकन करने का फैसला किया है। सरकारी रिकॉर्ड में अधिकारी या कर्मचारी द्वारा किए गए काम से लोग संतुष्ट हैं या नहीं, वह दर्ज होगा। यदि लोग काम की प्रशंसा करेंगे, तो अधिकारी या कर्मचारी को पदोन्नति से लाभान्वित किया जायेगा।

गुजरात सरकार के एक अधिकारी ने कहा कि सरकार की प्रशासनिक व्यवस्था पर इसका नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। केंद्र सरकार ने भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सुझाव को स्वीकार करते हुए एक प्रारूप तैयार किया है। इसे अगले वित्तीय वर्ष से लागू करने का निर्णय लिया गया है और मसौदा राज्य सरकारों को भेजा जाएगा। केंद्रीय कार्यालयों में एक सार्वजनिक प्रतिक्रिया प्रणाली है। सरकार सरकार ने भी अपनी वेबसाइटों पर सार्वजनिक प्रतिक्रिया देने की व्यवस्ता तय की है, लेकिन यह प्रणाली लाइव नहीं है। सामान्य व्यक्ति को कोई क्रिया नहीं मिलती है, और प्रतिक्रिया का जवाब नहीं दे सकते हैं। अब इस सिस्टम को अधिकारी या कर्मचारी के ग्रेड औऱ पदोन्नति के साथ जोडा जायेगा।
सरकार के अधिकारियों के लिए, सातवें वेतन पंचायत में इसके लिए प्रावधान है, लेकिन इसे अभी तक लागू नहीं किया गया है, लेकिन केंद्र सरकार ने इसे स्वीकार कर लिया है और इसे राज्यों में भी लागू करने का आदेश दिया है। यह सरकार के लिए एक नया नियम नहीं है, लेकिन वेतन आयोग में इसकी सिफारिश की गई है, इसलिए इसे लागू करना आवश्यक हो गया है। सरकारी विभाग में कसूरवारों के सामने कार्रवाई करने का दिशानिर्देश अब जारी किया जाएगा।












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