PM मोदी की 'मन की बात' की तरह CM रूपाणी ने शुरू की 'दिल की बात'
गांधीनगर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की "मन की बात" की तरह गुजरात में मुख्यमंत्री विजय रूपाणी ने "दिल की बात" कार्यक्रम शुरू किया है। दोनों में फर्क इतना है कि, मोदी रेडियो पर मन की बात सुनाते हैं, जबकि रूपाणी अपने बंगले पर लोगों को बुलाकर उनके साथ दिल खोलकर बातें करते हैं। गुजराती में दिल की बात को "मन नी मोकलाश" कहा जाता है। पहले कार्यक्रम में उन्होंने 'शराबबंदी' और शराब के दुष्प्रभाव पर बात की। साथ ही कार्यक्रम के अंत में उन्होंने कहा, गुजरात में कोई रोजगार के बिना नहीं रहेगा। हर गरीब परिवार को घर मिलेगा।'

शराब की वजह से कम उम्र में ही विधवा हो रहीं लड़कियां
"मन नी मोकलाश" के दौरान लोगों ने अपनी भी समस्याओं को खुलकर मुख्यमंत्री के सामने रखा। वहीं, गुजरात में शराबबंदी कानून पर अमल करने बात करते हुए मुख्यमंत्री ने एक सब्जी विक्रेता रमिलाबेन देवीपुजक का जिक्र किया। रमिलाबेन का अनुरोध है कि लोग शराब से दूर रहें। पुरुषों की इस लत के चलते हमारी लड़कियां कम उम्र में विधवा हो रही हैं। युवा भी शराब के आदी हो रहे हैं। मैं शराब की लत से लोगों को मुक्त करने का अनुरोध करती हूं।'

शराबबंदी को और अधिक प्रभावी बनाएंगे
बकौल मुख्यमंत्री, 'रमिलाबेन देवीपुजक ने यह भी कहा कि वह गरीबों के लिए सरकार की आवासीय योजना और महिलाओं के स्वास्थ्य के लिए एमएए कार्ड जैसे लाभ पाने के लिए आभारी हैं, लेकिन शराब की बिक्री और शराब पीना बहुत बड़ा खतरा है। हम सरकारी योजनाओं से लाभान्वित हुए हैं, लेकिन शराब स्वतंत्र रूप से उपलब्ध है। ऐसे में जब हम संपर्क करते हैं तो पुलिस भी अनुकूल प्रतिक्रिया नहीं देती है। मेरा निवेदन है कि अहमदाबाद में शराब की बिक्री पर रोक लगे। अपनी प्रतिक्रिया में मुख्यमंत्री ने कहा कि, निषेध कानून को अधिक कठोर बना दिया गया है और कार्यान्वयन को मजबूत किया गया है, शराब के खतरे से निपटने के लिए सभी से सामूहिक प्रयास की आवश्यकता है।

महिलाओं ने छापे मारे और शराब पकड़ी
मुख्यमंत्री ने कहा कि, केवल कानूनों को कठोर बनाने से इस खतरे को हल करना मुश्किल होगा। महिलाओं को इस समस्या को हल करने का बीड़ा उठाना चाहिए। मैं उन प्रयासों की सराहना करता हूं जो कुछ महिलाओं ने छापे मारे और शराब पकड़ी है। शराबबंदी कानून का सख्ती से क्रियान्वयन होगा।"

लोगों ने मुख्यमंत्री की प्रशंसा की
दिल की बात कार्यक्रम में लोगों ने सरकार की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के लिए रूपाणी को धन्यवाद दिया। लोगों ने इस अवसर का उपयोग अपने दैनिक जीवन में आने वाली विभिन्न समस्याओं को उजागर करने के लिए किया। मुख्यमंत्री ने भी अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त भी की।

महीने में एक बार होगी दिल की बात
मुख्यमंत्री की दिल की बात का कार्यक्रम प्रति मास एक बार होने वाला है। रूपाणी अपने साथ कई अफसरों को साथ रखते हैं और किसी व्यक्ति की शिकायत पर उनके हल निकालने के आदेश देते हैं। रूपाणी का प्रथम प्रयास काफी सफल रहा है।












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