'भारत का दूध उत्पादन 10 वर्षों में दोगुना होकर 100 करोड़ लीटर प्रतिदिन हो जाएगा'
Gujarat News, गांधीनगर। गुजरात कोऑपरेटिव मिल्क मार्केटिंग फेडरेशन (GCMMF) के प्रबंध निदेशक आरएस सोढ़ी ने दावा किया है कि भारत का दूध उत्पादन अगले 10 वर्षों में दोगुना होकर 100 करोड़ लीटर प्रतिदिन हो जाएगा। उन्होंने कहा कि रोजाना के 43 करोड़ लीटर के मौजूदा उत्पादन में से संगठित क्षेत्र केवल 9 करोड़ लीटर का उत्पादन करता है। अब 10 साल की अवधि के दौरान संगठित क्षेत्र द्वारा उत्पादन बढ़कर 30 करोड़ लीटर प्रति दिन हो जाएगा। इसका मतलब है कि भारत में संगठित डेयरी उद्योग में अगले 10 वर्षों में 1.2 करोड़ रोजगार सृजित करने की क्षमता है।

सोढ़ी ने ये बातें भारतीय उद्योग परिसंघ (CII) पश्चिमी क्षेत्र द्वारा आयोजित एक पैनल चर्चा के दौरान कहीं। उन्होंने कहा कि चुनौती डेयरी क्षेत्र को आधुनिक बनाने की है। ग्रामीण क्षेत्रों के युवा अक्सर नौकरियों की तलाश में शहरी क्षेत्र में चले जाते हैं। उन्हें यह दिखाने का समय है कि ग्रामीण भारत में पर्याप्त अवसर हैं। डेयरी उत्पादों की मांग है और बनी रहेगी। वास्तव में डेयरी और खाद्य उद्योग दो अंकों की दर से बढ़ रहे हैं। कोई भी अन्य उद्योग अगले 40-50 वर्षों में दोहरे अंकों की वृद्धि की गारंटी नहीं दे सकता है।''
नौकरियों देने में उद्योग की भूमिका के बारे में बात करते हुए उन्होंने कहा, "रोजगार पैदा करने के इस लक्ष्य को हासिल करने में उद्योग के साथ-साथ सरकार का समर्थन महत्वपूर्ण है। उद्योगों को डेयरी उत्पादों के प्रसंस्करण और विपणन में निवेश करना चाहिए, क्योंकि यह रोजगार पैदा करने में मदद करेगा।''

सोढ़ी ने आगे कहा, सरकार को भूमिहीन और सीमांत किसानों को भी सहायता प्रदान करने पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए जो डेयरी क्षेत्र के मूल में हैं। पशुधन क्षेत्र के लिए बजटीय आवंटन में काफी वृद्धि होनी चाहिए। सहकारी क्षेत्र का सबसे बड़ा उदाहरण गुजरात है जहां अमूल के ब्रांड दुनिया भर में मशहूर हैं।












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