मध्यप्रदेश से बॉर्डर क्रॉस कर गुजराती जिलों में हो रही हथियारों की तस्करी, 10 हजार में बेची जाती हैं पिस्टल
Gujarat News, गांधीनगर। गुजरात में अशांति फैलाने के लिये बरसों पहले उत्तरप्रदेश से अवैध रूप से हथियार आते थे, लेकिन अब मध्यप्रदेश से गुजरात में हथियारों के साथ घुसपैठ हो रही हैं। पुलिस द्वारा राज्य बॉर्डर के जिलों को सावधान किया जा रहा है। खासकर, दाहोद जिले में ज्यादा सतर्कता रखी गई है।

राज्य के दाहोद जिले में कानून व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से मध्यप्रदेश से आ रहे अवैध हथियारों की संभावना के मद्देनजर दाहोद जिले में अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक मनोज शशिधरन की निगरानी में दाहोद के पुलिस अधीक्षक हितेश जॉयसर को ज़िम्मेवारी सौंपी गई है। जिला पुलिस और एसओजी शाखा से प्राप्त निर्देश के अनुसार, अवैध हथियारों की तस्करी का मार्ग मध्यप्रदेश से सीधा गुजरात आता है। मध्यप्रदेश सीमा से सटे रास्तों पर जांच शुरू कर दी गइ है। पुलिस ने कुछ मुखबिरों को भी रोका है।
दाहोद पुलिस की छानबिन में जिले के पूर्वी इलाके में अगवाडा-गुलबारा चौक रोड पर मध्यप्रदेश के दो लोंग पकडे गये थे, जो पिस्टल औऱ छह कारतूस लेकर घुसे थे। मध्यप्रदेश के प्रहलाद सिंह गुलज़ार सिंह चिखलीगर (भाटिया) और कलसिंग तारासिंग चिखलीगर (बावरी) को पुलिस ने पकडा था, जो हथियार लेकर आये थे। पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर लिया और उनकी मोटर साइकिल जब्त कर ली।
मध्यप्रदेश के सिंघा गांव से पता चला है कि, देशी कट्टा, पिस्टल, माउझर बनाने का एक उद्योग चल रहा है। हथियारों के साथ पकडे गये दोनों आरोपी की पूछताछ में पता चला है, देशी पिस्टल बनाने के लिये आठ दिन का समय लगता है। एक पिस्टल का खर्चा 5000 रुपये होता है। यह पिस्टल 10 हजार रुपये में बेची जाती है।
मनावर के निवासी प्रहलादसिंह और कलसिंह खुद हथियार बना रहे थे। ये हथियार मध्यप्रदेश के सिंघा गांव मे बनाये गये थे। दोनों आरोपी हथियार बनाने औऱ बेचने की बात कर रहे थे। प्रहलाद सिंह और कलसिंग के सामने मध्य प्रदेश के विभिन्न पुलिस स्टेशनों पर भी अपराध दर्ज किया गया है, जिन्हें दाहोद बॉर्डर के पास हथियारों के साथ पकड़ा गया था। जेल से छूटने के बाद इन दोनों ने फिर से हथियार बेचना शुरू कर दिया था।












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