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बाप-बेटे को उम्रकैद, अब कौन होगा आसाराम और साईं के 10,000 करोड़ के साम्राज्य का वारिस?

Gujarat News in Hindi , गांधीनगर। कभी चाय की दुकान लगाने वाले और शराब बेच चुके आसाराम का जन्म सिंध प्रांत (पाकिस्तान) के गांव में हुआ था। धार्मिक प्रवचनकर्ता के तौर पर विख्यात होते हुए उसने न सिर्फ गुजरात बल्कि, देशभर में कई स्थानों पर अपने आश्रम और हवेलियां स्थापित कराईं। ऐसे में जबकि, आसाराम के बाद उसके बेटे नारायण साईं को भी दुष्कर्म के मामले में सजा हुई है, तो एक बार फिर उनकी 10,000 करोड़ की संपत्ति चर्चा का विषय बनी हुई है। बाप-बेटे दोनों को उम्रकैद हुई है, तो अब उनके बचे-खुचे अनुयायियों के मन में यह सवाल तैर रहा है कि उनके द्वारा खड़े किए साम्राज्य का वारिस कौन होगा?

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कौन होगा बाप-बेटे के 10 हजार करोड़ के साम्राज्य का वारिस

कौन होगा बाप-बेटे के 10 हजार करोड़ के साम्राज्य का वारिस

​एक रिपोर्ट के मुताबिक, देशभर में आसाराम के आश्रमों की संख्या 425 है। इनके साथ ही 50 गुरुकुल हैं औऱ 17,000 बालसंस्कार कार्यरत हैं। अहमदाबाद में मोटेरा में आश्रम स्थापित करने के बाद आसाराम ने गुजरात में कई स्थानों पर मकान बनवाए। राजस्थान, यूपी एवं जम्मू-कश्मीर सहित 12 राज्यों में करोड़ों की संपत्ति स्थापित की। वह आश्रमों में सौंदर्य प्रसाधन और दवाएं बनवाकर सालाना करीब 400 करोड़ का कारोबार करता था। इतना ही नहीं, नेपाल और सिंगापुर तक उसका नेटवर्क स्थापित हो गया। उसने अपने प्रॉडक्ट्स के लिए कई चीजों के जरिये अलग-अलग जगह अपार्टमेंट बनवाए। सैकड़ों बीघा जमीन भी खरीदी। 2016 में कुल संपत्ति की वैल्यू 10 हजार करोड़ रुपए बताई गई। अब बाप-बेटे की इन संपत्तियों को कौन संभालेगा, वारिस कौन बनेगा, इस पर बहस चल रही हैं।

आज भी हजारों की संख्या में आ जुटते हैं समर्थक

आज भी हजारों की संख्या में आ जुटते हैं समर्थक

आसाराम और नारायण साईं, दोनों यौन-उत्पीड़न, धमकियों एवं हत्या कराने के आरोपी हैं और बीते करीब 5 साल से जेल भुगत रहे हैं, फिर भी उनके लाखों अनुयायी हैं। जब कहीं कोर्ट में उनकी पेशी होती है तो हजारों की संख्या में उनके सम​र्थक जुटकर रास्ते में पहुंच जाते हैं। हजारों ऐसे कार्यकर्ता भी हैं, जो उनके आश्रम में काम कर रहे है। सरकारी वकील ने जब दोनों की करतूतों का जिक्र करते हुए कोर्ट में प्रूफ किया कि धन की शक्ति से बाप-बेटे ने महिलाओं का शोषण करना शुरू किया था तो कोई भी उनके खिलाफ आवाज उठाने की हिमाकत नहीं कर पाता था। हालांकि, शाहजहांपुर की एक नाबालिग अनुयायी की वजह से आसाराम के काले कारनामों का भंडाफोड़ होना शुरू हो गया। अब दोनों बाप-बेटे ताउम्र के लिए जेल में रहेंगे।

हकदार के बारे में कुछ भी बोलने से बच रहे

हकदार के बारे में कुछ भी बोलने से बच रहे

गुजरात में आसाराम का सबसे बड़ा आश्रम साबरमती में माना जाता है, जहां से सब जगह ऑपरेशन होते है। आसाराम के पास डाइ-हार्ड स्वयंसेवकों की बड़ी टीम है, लेकिन आसाराम औऱ नारायण सांई के बिना वे कुछ नहीं कर पा रहे हैं। अभी आश्रम के सेवकों में से कोई बता नहीं रहा है कि आश्रम समेत पूरी संपत्ति का हकदार कौन होगा। दूसरी ओर पूरे साम्राज्य के बारे में आसाराम या नारायण सांई कुछ बोल नहीं रहे है। सेवादारों को भी कुछ बोलना मना है।

लाख कोशिशों के बाद भी नहीं मिल पा रही जमानत

लाख कोशिशों के बाद भी नहीं मिल पा रही जमानत

मंगलवार, 30 अप्रैल को नारायण साईं को सूरत की अदालत ने उम्रकैद की सजा सुनाई। वह वर्ष 2013 से जेल में बंद था, उसकी उम्र अभी 47 बताई गई है। वह फिलहाल सूरत की लाजपुर जेल में बंद हैं। उसके अलावा बाकी आरोपी गंगा, जमना, कौशल और रमेश मल्होत्रा भी हिरासत में हैं। वहीं, आसाराम पहले से ही उम्रकैद में जेल काट रहा है। जब वह जेल में गया, तब से बहुत बार उसने जेल से बाहर आने की कोशिशें कीं, लेकिन अभी तक जमानत ही नहीं मिल पाई। बहरहाल, सवाल ये उठ रहे हैं कि उनका कारोबार किसके हाथ में जाएगा।

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