नये शोध में खुलासा, माइग्रेन की चपेट में क्यों आते हैं युवा?
नई दिल्ली। आजकल एक बीमारी ने तेजी से युवाओं और किशोरों को अपनी गिरफ्त में लिया हुआ है और वो है माइग्रेन। कहने को तो ये सिरदर्द होता है लेकिन जब यह दर्द शुरू होता है तो उसे सहन करना बहुत ज्यादा मुश्किल होता है। अक्सर डॉक्टर इसे रोग नहीं मानते हैं और कुछ नियम बताकर रोगियों को इस दर्द से बचने को कहते हैं क्योंकि इसका कोई ठोस इलाज उनके पास भी नहीं है।
लेकिन इस बीमारी पर हाल ही में एक शोध हुआ है जिसमें कहा गया है कि जो लोग माइग्रेन से पीड़ित हैं उनमें अक्सर विटामिन डी, राइबोफ्लेबिन तथा कोइंजाम क्यू10 की कमी होती है, जिसकी वजह से ये रोग पनपता है। यह कमी लड़के-लड़कियों दोनों में पायी जाती है। लड़कियों में अक्सर कोइंजाम क्यू10 की कमी ज्यादा देखी जाती है तो वहीं लड़कों में अक्सर विटामिन डी की कमी होती है।
इसलिए शोधकर्ताओं ने माइग्रेन से पीड़ित लोगों को इन सारी चीजों का सेवन करने को कहा है। शोधकर्ताओं के मुताबिक इंसान अगर अपनी कमियों को पूरा करके हेल्दी लाइफ अपनाए तो जरूर अपने रोग पर वो विजयी हो सकता है।
एक उम्र के बाद तो किसी चीज की कमी को पूरा करना थोड़ा मुश्किल होता है लेकिन किशोरों और युवाओं में विटामिन की कमी को पूरा करके माइग्रेन पर काबू पाया जा सकता है। गौरतलब है कि यह शोध अमेरिका के सैन डिएगो मेंअमेरिकन हेडेक सोसायटी के वैज्ञानिकों ने पेश किया है।













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