कौन थे वो शख्स, जिनकी वजह से मनाया जाता है World Smile Day, स्माइली फेस भी इनकी ही देन
कौन थे वो शख्स, जिनकी वजह से मनाया जाता है World Smile Day, स्माइली फेस भी इनकी ही देन
Happy World SMILE DAY 2022: दुनियाभर में आज 07 अक्टूबर को 'वर्ल्ड स्माइल डे' मनाया जा रहा है। 'वर्ल्ड स्माइल डे' हर साल अक्टूबर के पहले शुक्रवार को मनाया जाता है और इस साल यह खास दिन 7 अक्टूबर को पड़ है। इसे हिंदी में विश्व मुस्कान दिवस भी कहते हैं। साल 1999 से दुनियाभर में 'वर्ल्ड स्माइल डे' मनाया जा रहा है। यह दिन खुश रहने और मुस्कुराना जिंदगी के लिए कितना जरूरी है, इसके लिए मनाया जाता है। विश्वभर में लोग अनोखे रीके से वर्ल्ड स्माइल डे मनाते हैं। अमेरिका के मैसाचुसेट्स में वॉर्सेस्टर हिस्टोरिकल सोसाइटी साल 2000 से गेंद को फेंस कर इस दिन का जश्न मनाती है। ये गेंद स्माइली फेस वाला होता है। 'वर्ल्ड स्माइल डे' और स्माइली फेस का खास कनेक्शन है। स्माइली फेस का आविष्कार करने वाले कलाकार की वजह से ही दुनियाभर में आज 'वर्ल्ड स्माइल डे' मनाया जाता है।

कौन थे वो शख्स, जिनकी वजह से मनाया जाता है वर्ल्ड स्माइल डे
अमेरिकी कलाकार हार्वे बॉल, जिन्होंने सबसे पहले वर्ल्ड स्माइल डे मनाने का प्रस्ताव रखा था। 1963 में हार्वे बॉल ने दुनियाभर में इस्तेमाल किए जाने वाला स्माइली फेस का आविष्कार किया। हार्वे ने जब स्माइली फेस का आविष्कार किया तो उन्होंने कुथ सालों बाद देखा कि समय के साथ उनके इस मूल महत्व 'अति-व्यावसायीकरण' के कारण खोता जा रहा है। इसी चिंता में उन्होंने वर्ल्ड स्माइल डे मनाने के कॉन्सेप्ट के बारे में सोचा। उनकी कई कोशिश के बाद 1999 से, अक्टूबर के पहले शुक्रवार को वर्ल्ड स्माइल डे मनाया जाने लगा।

जानिए हार्वे बॉल के बारे में?
हार्वे बॉल का पूरा नाम हार्वे रॉस बॉल है। इनका जन्म 10 जुलाई 1921 में हुआ था। ये एक अमेरिकी कलाकार थे। दुनिया भर में लोग हार्वे बॉल को स्माइली फेस ग्राफिक डिजाइनर के तौर पर जानते हैं। हार्वे बॉल के पिता का नाम अर्नेस्ट जी बॉल और उनकी मां का नाम किटी रॉल बॉल था। हार्वे बॉल पांच भाई-बहन थे। हार्वे बॉल ने वॉर्सेस्टर आर्ट म्यूजियम स्कूल से कला के क्षेत्र में डिग्री ली थी। जिसके बाद उन्होंने कई सालों तक काम करने के बाद 1963 में स्माइली फेस का आविष्कार किया। पहले इसका इस्तेमाल बिजनेस के प्रचार के लिए किया जाता था।

हार्वे बॉल के निधन के बाद वर्ल्ड स्माइल फाउंडेशन की स्थापना की गई
2001 में हार्वे बॉल का निधन हो गया था। 12 अप्रैल 2001 को 79 साल की उम्र में हार्वे बॉल दुनिया को अलविदा कह गए। वह अपने पीछे 64 साल की पत्नी और चार बच्चे छोड़ गए। हार्वे बॉल के निधन के बाद वर्ल्ड स्माइल फाउंडेशन की स्थापना की गई थी। वर्ल्ड स्माइल फाउंडेशन बच्चों की मदद करता है। यह साल ये फाउंडेशन वर्ल्ड स्माइल डे पर कई कार्यक्रम भी आयोजित करता है।
1970 का दशक में स्माइली फेस का इस्तेमाल राजनीतिक रूप से, साथ ही फिल्मों, कार्टून और कॉमिक पुस्तकों में भी किया जाने लगा था। 1990 का दशक में स्माइली फेस का इस्तेमाल इंटरनेट के शरुआती युग में व्यापक तरीके से किया गया और ये लोकप्रिय हो गया।












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