अंबानी के एंटीला जैसे दो घर खरीदने की हैसियत वाला ISIS
बेंगलुरु।
आईएसआईएस, हमास, तालिबान और लश्कर-ए-तैयबा, इनकी बात एक साथ इसलिए हो रही है क्योंकि जो एक बात आज हम इनसे जुड़ी आपको बताने जा रहे हैं, उसे सुनकर आपके होश उड़ जाएंगे। यह कहने को तो आतंकी संगठन हैं लेकिन इनका टर्नओवर सुनकर मुकेश अंबानी जैसे लोगों के भी पसीने छूट सकते हैं। id="toptextpromo"> id='are-slot-1' class='oiad oi-axt oiadv'>आईएसआईएस
का टर्नओवर एक वर्ष दो बिलियन डॉलर है और रिलायंस इंडस्ट्रीज के मालिक मुकेश अंबानी के घर की कीमत संगठन के टर्नओवर की आधी है। एक नजर डालिए दुनिया के टॉप 10 सबसे अमीर आतंकी संगठनों की इस लिस्ट पर, जिसे फोर्ब्स ने जारी किया था। id='are-slot-2' class='oiad oi-axt oiadv'>
आईएसआईएस
आईएसआईएस का एनुअल टर्नओवर करीब दो बिलियन डॉलर का है। कुछ विशेषज्ञ मानते हैं कि यह तीन बिलियन डॉलर तक हो सकता है। आईएसआईएस किडनैपिंग और फिरौती जैसे ऑप्शंस के जरिए अपनी कमाई करता है।

हमास-$1बिलियन
हमास जिसने वर्ष 2007 में गाजा पट्टी को अपने कब्जे में ले लिया था, उसका टर्नओवर करीब एक बिलियन डॉलर का है। इसके आय के मुख्य स्त्रोतों में टैक्स और फीस के साथ ही कतर से मिलने वाली वित्तीय सहायता और डोनेशंस शामिल हैं।

फार्क- $300 मिलियन
कोलंबिया आधारित इस संगठन का टर्नओवर 600 मिलियन डॉलर है। यह संगठन कोलंबिया में 50 वर्षों से भी ज्यादा खूनी संघर्ष के लिए जिम्मेदार रहा है। ड्रग प्रोडक्टशन और ड्रग टैफिकिंग के अलावा किडनैपिंग और फिरौती के जरिए इसकी कमाई होती है।

हेजबुल्ला- $500 मिलियन
लेबनान का यह आतंकी संगठन हर वर्ष करीब 500 मिलियन डॉलर का टर्नओवर अपने नाम करता है। इस संगठन को इरान से बड़े स्तर पर वित्तीय मदद मिलती है। इसका मकसद इजरायल के खिलाफ आतंकियों को बढ़ावा देना है।

तालिबान - $400 मिलियन
अफगानिस्तान का आतंकी संगठन तालिबान, इसका टर्नओवर करीब 400 मिलियन डॉलर है। वर्ष 1996 से 2001 तक इसने अफगानिस्तान पर राज किया और वहां पर सुन्नी इस्लामिक शरिया कानून को लागू कर दिया। इसका मकसद अफगानिस्तान को पूरी तरह से इस्लामिक देश में तब्दील करना है।

अल कायदा- $400 मिलियन
अमेरिका को 9/11 से दहलाने वाला अल कायदा हर वर्ष 150 मिलियन डॉलर अपने नाम करता है।

लश्कर ए तैयबा-$100 मिलियन
भारत में आतंकवादियों और आतंकी वारदातों को अंजाम देने वाले पाकिस्तान के आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा के पास प्रति वर्ष 100 मिलियन डॉलर की कमाई आती है।

अल शबाब-$ 70 मिलियन डॉलर
सोमालिया के अल शबाब के नाम प्रतिवर्ष करीब 70 मिलियन डॉलर का टर्नओवर दर्ज होता है। इसकी स्थापना वर्ष 2006 में हुई थी।

रीयल इरा-$50 मिलियन
रीयल इरा आयरिश रिपब्लिकन आर्मी का चरमपंथी संगठन है। इसकी स्थापना 1998 में हुई थी। इस संगठन को ब्रिटिश ताकतों से बदला लेने के लिए जाना जाता है।

बोको हराम-$52 मिलियन
नाइजीरिया के बोको हराम के पास प्रतिवर्ष 52 मिलियन डॉलर की रकम आती है।












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